Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

बांग्लादेश के रूप में भारत ने कल एक अच्छा दोस्त खो दिया

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 6, 2024
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
बांग्लादेश के रूप में भारत ने कल एक अच्छा दोस्त खो दिया
बांग्लादेश के रूप में भारत ने कल एक अच्छा दोस्त खो दिया
सौमित्र राय

बांग्लादेश के रूप में भारत ने कल एक अच्छा दोस्त खो दिया. एक ऐसा देश, जिसने लाख दबाव के बावजूद खुद को इस्लामिक कट्टरपंथी रास्ते पर नहीं जाने दिया. आप शेख हसीना के 15 साल के राज में बेशक तानाशाही को देख सकते हैं, लेकिन, देश की सत्ता को चीन जैसे घड़ियाल के मुंह में समाने से बचाने के लिए यह जरूरी था. काफ़ी कुछ इंदिरा गांधी की तरह. लेकिन चीन ने दिखा दिया कि आखिर पैसे के दम पर सत्ता बनती है और उखाड़ी भी जा सकती है. यह एक खतरनाक चाल है. पाकिस्तान ने चीन से मिलकर बंगाल के विभाजन का बदला लिया है.

भारत की मोदी सत्ता श्रीलंका और मालदीव के बाद तीसरी बार अपने पड़ोसी मुल्कों को चीन के कब्जे में जाने से रोक नहीं पाई. यह मोदी सत्ता की सबसे बड़ी कूटनीतिक नाकामी है, क्योंकि श्रीलंका की तरह बांग्लादेश आर्थिक रूप से तबाह नहीं था. 2009 में बांग्लादेश का जीडीपी 102 बिलियन डॉलर था, जो अब 455 बिलियन है. 317% की यह बढ़ोतरी वहां के मैन्युफैक्चरिंग हब की वजह से हुआ.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

आप जिस मुफ्ती के जींस को पहनकर इतराते हैं, उसे बांग्लादेश 80 रुपए में सिल देता है. हम 400 रुपए लेते हैं. सस्ता श्रम बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय को 2009 में 698 डॉलर से 2024 में 2646 डॉलर तक ले आया. नतीज़ा यह कि 2009 में बांग्लादेश जहां 17.36 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट करता था, वही अब 50 बिलियन का निर्यात करता है. 300% का इजाफा भी हसीना सरकार की उपलब्धि है.

भारत में मोदी सत्ता ने आर्थिक मोर्चे पर 0% कामयाबी हासिल की है. हम एक तबाह देश हैं. बस, मुसलमानों से नफरत करते हैं. लिहाजा, बांग्लादेश के तख्ता पलट पर खुश और चुप हैं. हां, वहां की मुस्लिम आबादी पर भी गौर फरमाएं–2009 में 14.67 करोड़ की आबादी अब 17.47 करोड़ है. 15 साल में 19% की बढ़त. यही वजह है कि वहां की इकोनॉमी 6.5% की रफ्तार से बढ़ती रही, जबकि एशिया–प्रशांत क्षेत्र की औसत 4.3% से बढ़ ही नहीं सकी. फिर भी देश में 40% बेरोजगारी के साथ आरक्षण का तूफान सत्ता को ले डूबा.

यकीनन, हसीना सरकार इसे संभाल नहीं पाई. कोई नहीं संभाल सकता, क्योंकि आर्थिक विकास का मॉडल पूरी दुनिया में फेल है. लेकिन, खतरनाक यह है कि सत्ता की इस कमज़ोरी को चीन जैसा देश अपने फायदे के लिए सत्ता उखाड़ने के लिए इस्तेमाल करे. वन बेल्ट, वन रोड–का ख्वाब पूरा करने के लिए चीन को ऐसा करना जरूरी था. हम बिना लड़े पूंजीवाद के आगे हार रहे हैं. लगातार. हमारी विदेश नीति पाकिस्तान से आगे देख नहीं पा रही है.

अब बांग्लादेश की सत्ता सेना के हवाले है. हसीना सरकार ने बीते चुनाव में विपक्ष का गला घोंटकर भयानक गलती की. यही मोदी सत्ता कर रही है. चीन अब तख्ता पलट के बाद पिट्ठू सरकार चाहेगा. उसके पास बांग्लादेश का सस्ता बाजार है. कहीं न कहीं वहां की सेना का समर्थन भी. मोदी सत्ता से उम्मीद न करें कि वह चीन की घेराबंदी को तोड़ पाएगी. माफीवीरों के वंशज लड़ते नहीं, लड़वाते रहे हैं. कुल मिलाकर पड़ोस में आग लगी है और हमारे पास बुझाने को चुल्लू भर पानी भी नहीं अलबत्ता, डूबने को जरूर है.

Read Also –

बांग्लादेश में यूं ही नहीं हुआ तख्ता पलट..किसकी साज़िश !

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
G-Pay
G-Pay
Previous Post

बांग्लादेश में यूं ही नहीं हुआ तख्ता पलट..किसकी साज़िश !

Next Post

शेख हसीना : बेटी ने अपना काम पूरा किया है…

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

शेख हसीना : बेटी ने अपना काम पूरा किया है...

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

सांभा, तेरे दिमाग में तो भूसा भरा हुआ है !

April 4, 2023

कोठे ने भंडुवे को ज़मानत दी, ये कोई ख़बर है क्या ?

November 13, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.