Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

तीसरे विश्वयुद्ध की रिहर्सल में तबाह यूक्रेन इजरायल

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 26, 2024
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
तीसरे विश्वयुद्ध की रिहर्सल में तबाह यूक्रेन इजरायल
तीसरे विश्वयुद्ध की रिहर्सल में तबाह यूक्रेन इजरायल

वर्चस्व का युद्ध है. इसमें संवेदना के लिए कोई जगह नहीं होती. दुनिया राजनीतिक अनहोनियों की भेंट चढ़ते हुए पीड़ादायक लूट और अमानवीय मुनाफे के मकड़जाल में फंसकर श्रृंखलाबद्ध युद्धों में बर्बाद हो रही है. अमरीका ने यूक्रेन इजरायल के बाद अब यमन को बर्बाद करने की सोच ली है. हूथी लड़ाकों के खात्मे के नाम पर अमरीका इस्राएल के रास्ते यमन को अपने नये हथियारों की प्रयोगशाला बनाने पर उतारू हो चुका है.

हालांकि इंटरनेशनल कोर्ट ने हमास-इस्राएल युद्ध में इस्राएल को दोषी करार देते हुए सुनवाई जारी रखी हुई है लेकिन ऐसे पूंजीवादी संस्थान जो मानवता की तबाही पर सुनवाई के नाम पर सिर्फ हो-हल्ला मचाते हैं. ये महज खबरों के बीच खरपतवार ही होते हैं, जो दो चार टीका टिप्पणियों के बाद ठंडे बस्ते में जमा कर दिए जाते हैं.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रगतिशील धड़ा दो खेमों में बंटा हुआ है. एक खेमा रूस-हमास की तरफ है तो दूसरा खेमा जेलेंस्की-हमास के साथ है. दूसरा खेमा जो कि जेलेंस्की-हमास के साथ है उसकी हालत बेहद ही दयनीय है. वह नव-नाजीवादी जेलेंस्की को सही ठहराता है लेकिन इस्राएल को गलत ठहराता है, जबकि रूस के खिलाफ इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यूक्रेन को खूब मदद दी है, तब ये लोग नेतन्याहू को यूक्रेन का अच्छा मित्र बता रहे थे लेकिन अब इनके लिए नेतन्याहू अमरीका का पिछलग्गू हो गया.

बहरहाल, वर्चस्व और मुनाफे की लूट पर उतारू अब अमरीका लगभग अकेला पड़ता जा रहा है. विशेष खबरों के मुताबिक अमरीका ने चीन के राष्ट्रपति शी-जिनपिंग से गुहार लगाई है कि वह हूथी लड़ाकों के हमले रोकने के लिए हस्तक्षेप करें. उधर स्लोवाकिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति राबर्ट फीको ने एक अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कह दिया है कि अगर जेलेंस्की, यूक्रेन को बचाना चाहता है तो वह रूस के कब्जे वाले यूक्रेन को भूल जाये वरना अपनी शेष तबाही को देखने के लिए अभिशप्त बना रहे.

इस बयान के बाद यूक्रेन ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति की कड़ी निन्दा करते हुए टिप्पणी की है कि किसी भी देश को यूक्रेन के स्वाभिमान पर उंगली उठाने का कोई हक नहीं है. ताजा समाचारों के अनुसार ईरान ने ईराक स्थित अमरीकी सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी जारी रखी हुई है. एक खबर के मुताबिक पिछले 4 दिन में ही अमरीका के 46 सैनिक ईरानी हमलों में अपनी जान से हाथ धो चुके हैं और करीब 178 बुरी तरह घायल है.

उधर हिजबुल्ला ने इस्राइली सीमा के भीतर 7 सैन्य ठिकानों पर फास्फोरस बम फोड़कर इस्राएल की बची-खुची ताकत का पंचनामा कर दिया है. इन हमलों में 273 इस्राइली सैनिक ढेर होने का समाचार है. हिजबुल्ला के पास फास्फोरस बम होने की खबर पर अमरीका व उसके पिट्ठू देशों की नींद उड़ गई है. यूक्रेन में युद्ध अब लगभग औपचारिक होता जा रहा है. हालांकि पिछले 48 घंटे में रूस ने हमले कर यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों में 189 यूक्रेनी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है.

अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए की लीक हुई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूक्रेन अब तक अपने 5 लाख सैनिकों को रूसी हमलों की भेंट चढ़ा चुका है. एक और गोपनीय समाचार के अनुसार अमरीका ने रूस से अपने संबंध ठीक करने की पहल की है, यानी कि बाइडेन अब जेलेंस्की के सिर से अपना वरदहस्त धीरे-धीरे कम कर रहे हैं. खास खबरों के मुताबिक अमरीका ने नवंबर-दिसंबर, 2023 में रूस से गुपचुप तरीके से बड़े पैमाने पर तेल की खरीदारी की है. रूस के एक ड्यूमा प्रतिनिधि ने दुनिया के अमन चाहने वाले देशों को समझाने के मद्देनजर इस पर डेटा भी दिया कि अमरीका ने रूस से कितने बैरल तेल खरीदा है.

हाल-फिलहाल दुनिया में शांति बहाली के कोई संकेत नहीं हैं. जब तक अमरीकी साम्राज्यवाद रहेगा तब तक दुनिया में शांति बहाली की गुंजाइशें खतरे में बनी रहेंगी. और जब तक रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान, बेलारूस जैसे स्वाभिमानी संप्रभु राष्ट्र इस पृथ्वी पर अस्तित्वमान हैं तब तक अमरीका और उसके गैंगस्टर मुल्कों की क्रूरतम नीयत व नापाक इरादे कभी भी फलीभूत नहीं होंगे. पूंजीवादी साम्राज्यवाद की तबाही मानवतावादी राष्ट्रों की एकजुटता पर निर्भर है और इस एकजुटता को खुलकर जगजाहिर करने से ही मानवता को बचाया जा सकता है.

  • ए. के. ब्राईट

Read Also –

‘वियतनाम, अफगानिस्तान, अल्जीरिया को देखिए कि औपनिवेशिक युद्ध कैसे समाप्त हुए ?’ – हमास
आतंकवादी देश इजरायल के खिलाफ फिलिस्तीनी जनता का शानदार प्रतिरोध
पुतिन बना देंगे – एक था अमेरिका
हमास ने ‘जेल तोड़ने का काम किया, जो मुक्ति का अनुभव देता है !’
फिलिस्तीन मुक्ति युद्ध में वैश्विक जनसमर्थन हासिल करने में सफल रहा ‘हमास’
पुतिन को नियंत्रित करती रूसी कम्युनिस्ट पार्टियां

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

नीत्शे : नारी विरोधी एक फासीवादी विचारक…

Next Post

झुकने वाली कौम, जिसने झुक झुक कर अपनी रियासत बचाये रखी

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

झुकने वाली कौम, जिसने झुक झुक कर अपनी रियासत बचाये रखी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

संस्कृतियों का फर्क : सरहुल की शोभायात्रा में ‘पथराव’ क्यों नहीं होता कभी ?

April 5, 2023

डीएचएफएल : नीलामी में कानूनी लड़ाई, पर कंपनी का नुकसान तय

November 18, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.