Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

तेजिंदर बग्गा : झूठ पर विश्वास करने के लिए अनपढ़ चाहिए

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 23, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

तेजिंदर बग्गा : झूठ पर विश्वास करने के लिए अनपढ़ चाहिए

इंटरमीडियट की पढ़ाई पूरी न कर पाने वाले तेजिंदर बग्गा 34 साल में पत्राचार से बीए कर रहे हैं. अभी बीए की डिग्री का इंतजार कर रहे बग्गा छह साल से जेएनयू वालों को इसलिए ट्रोल कर रहे थे कि वे 30 साल की उम्र तक पीएचडी क्यों कर रहे हैं ?

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

इसमें गलती बग्गा की नहीं है. मेरी जानकारी में भारत की साक्षरता दर 74 प्रतिशत है. बग्गा तो फिर भी साक्षर हैं और ट्विटर पर ट्रोल करना तक जानते हैं. दुखद यह तो है ही कि इस देश के करोड़ों लोग अनपढ़ हैं, यह और दुखद है कि पढ़ने की सामान्य उम्र पर भी सत्ताधारी पार्टी की ओर से हमले किए जा रहे हैं.

https://twitter.com/Chee_NEWS_/status/1220211141822963713

पिछले छह सालों में पढ़ाई की उम्र के प्रति जानबूझ कर एक अभियान चलाया गया. इसका एक मकसद है. एक सामान्य छात्र भी अगर पीएचडी कर लेगा तो बहुत संभावना है कि वह एक सभ्य आदमी की तरह सोचने लगे. कम से उसे यह पता होगा कि हिंदुओं के बारे में, मुसलमानों के बारे में, इतिहास के बारे में जो कहा जा रहा है वह झूठ है.

इसके उलट, अनपढ़ या कुपढ़ उस एजेंडे में जल्दी फंसेगा. बीजेपी के नेता तेजिंदर बग्गा इसके अप्रतिम उदाहरण हैं. प्रशांत भूषण के साथ मारपीट करके चर्चा में आए बग्गा को बीजेपी ने पलकों पर बैठाया. प्रवक्ता बन गए और ट्रोल गैंग के सरगना के रूप में उन्होंने देश में अपना बहुमूल्य योगदान दिया.

बग्गा की उम्र 34 साल है. इंटरमीडियट पास नहीं कर पाए हैं. इग्नू से पत्राचार के कोर्स में शायद आवेदन दिया है. चीन की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से कोई तीन हफ्तों का स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम है, जिसे सरकार स्पॉन्सर करती है. इसमें बग्गा कभी गए होंगे. उन्होंने अपने हलफनामे में यही दोनों अपनी शैक्षिक योग्यता घोषित की है.

https://twitter.com/AacharySahiL/status/1220042235795783680

पीएचडी करने तक की सामान्य उम्र सबको पता है. बग्गा जी अगर पीएचडी होते तो जेएनयू वालों को ट्रोल न करते. जेएनयू, डीयू, जाधवपुर समेत तमाम विश्वविद्यालयों के छात्रों और सरकार का विरोध करने वालों को ट्रोल करने के लिए अनपढ़ चाहिए.

मोर का आंसू पीकर मोरनी को गर्भवती कराने या अगले तीस साल में मुसलमान की संख्या हिंदुओं से ज्यादा होने जैसे गप्प पर भरोसा करने के लिए अनपढ़ लोग चाहिए. सीएए बहुत सुंदर कानून है, इस झूठ पर विश्वास करने के लिए अनपढ़ चाहिए. रोज सरकार की ओर से प्रसारित सैकड़ों झूठ पर भरोसा करने और उस गर्व भी करने के लिए जनता का अनपढ़ होना जरूरी है.

इसीलिए यह फैलाया गया है कि 30 साल तक पढ़ाई करके पीएचडी हासिल करना शर्म की बात है. इंटर पास किए बगैर ट्विटर पर गालियां देना गर्व की बात है. बिना इंटर पास किए गाली देने का गुण अगर प्रधानमंत्री को आपका फॉलोवर बना दे रहा है, तो शिक्षा, इस अशिक्षा से बेहतर कैसे हो सकती है ?

  • कृष्णकांत

Read Also –

कौन गुमराह कर रहा है देश की जनता को ?
रोहित वेमुला का आख़िरी पत्र : ‘मेरा जन्म एक भयंकर हादसा था’
नारी शिक्षा से कांंपता सनातन धर्म !
आपको क्या लगता है कि द्रोणाचार्य सिर्फ कहानियों में था ?
बिहार में पढ़ने वाले बच्चे जेएनयू, जामिया और डीयू को क्यों नहीं समझ पा रहे हैं ?
कल्याणकारी सरकार से व्यापारी सरकार होने तक
स्वायत्तता की आड़ में विश्वविद्यालयों का कारपोरेटीकरण

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

ब्रेनड्रेन : कौन दिमाग खपाए इन बातों पर ?

Next Post

औरंगजेब : एक बेमिसाल और महान शासक

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

औरंगजेब : एक बेमिसाल और महान शासक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मुसलमानों को भी राजनीति करने दीजिए

November 12, 2020

ब्राह्मणों से ज्यादा खतरनाक ब्राह्मणवादी शुद्र है

May 2, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.