
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर तालमेल कमेटी (NCC) ने 24 जनवरी, 2026 को प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि बलराज उर्फ बच्चा प्रसाद सिंह जोगिंद्र सिंह उर्फ सतीश के विघटनकारी गुट को छोड़कर हमारी पार्टी के नेतृत्व के अंतर्गत जारी कम्युनिस्ट क्रांतिकारी आंदोलन में शामिल हों. जोगिंद्र सिंह उर्फ सतीश मास्टर की दक्षिणपंथी अवसरवादी राजनीति का भंडाफोड़ करो. अवसरवाद-विघटनवाद-संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष जिंदाबाद और मार्क्सवाद-लेनिनवाद-माओवाद का लाल झंडा ऊंचा उठाओ !
प्रिय कामरेडों और दोस्तों,
हम इस दशक के सबसे तीखेपन वाले दौर में हैं, ऐसे में, हमारी केंद्रीय कमेटी ने बताया है कि साम्राज्यवाद और उनके दौड़ते कुत्ते तीसरे विश्वयुद्ध की तरफ़ बढ़ रहे हैं. यह युद्ध दुनिया और ख़ासकर हमारे जैसे उत्पीड़ित और शोषित देशों में आर्थिक, राजनीतिक संकट को बढ़ाने का काम कर रहा है. इसीलिए ही, दुनिया के लोग क्रांति के लिए पुकार लगा रहे हैं.
दुनियाभर के लोगों और ख़ासकर भारत के लोगों के सपनों को हक़ीक़त में उतारने के लिए हमारी पार्टी क्रांति के तूफ़ानी केंद्र को नेतृत्व प्रदान कर रही है. हमने दुश्मन के भयंकर दमन का सामना करते हुए कई अनमोल माट्टी के लालों को खोया है.
हमारे बहादुर और ऐतिहासिक जन मुक्ति छापामार सेना (PLGA) के कामरेडों के नेतृत्व में जारी संघर्ष फ़िलिस्तीन, वेनेजुएला, फ़िलीपींस की उत्पीड़ित जनता समेत तमाम उत्पीड़ित राष्ट्रीयता व जनता के संघर्ष के साथ एकजुट होकर एक सपने के लिए आगे बढ़ रहे हैं, वह सपना है- साम्राज्यवाद मुक्त समाजवादी-साम्यवादी दुनिया का.
हाल ही में हमारे केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड गणेश दा, कामरेड अनल दा और कामरेड वप्पाराव समेत अन्य कई कामरेडों ने विश्व सर्वहारा क्रांति और भारतीय क्रांति के लिए अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया. हम इन बहादुर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजली पेश करते हैं और उनके अधूरे सपने लोगों का जनवादी संघीय गणराज्य भारत के निर्माण को पूरा करने की शपथ लेते हैं.
इस प्रकार के भारत को हासिल करने की कड़ी में, हम अवसरवादी-विघटनवादी-संशोधनवादी तत्वों के ख़िलाफ़ कठोर घृणा व्यक्त करते हैं. हम यह शपथ लेते हैं कि अवसरवादी-विघटनवादी-संशोधनवादी तत्वों से लड़ते हुए मार्क्सवाद-लेनिनवाद-माओवाद का लाल झंडा को हमेशा बुलंद रखेंगे.
हमारी पार्टी ने अपने पार्टी कार्यक्रम में बताया है कि आज के अंतर्राष्ट्रीय कम्युनिस्ट आंदोलन और विश्व सर्वहारा क्रांति के लिए संशोधनवाद, खासकर दक्षिणपंथी अवसरवाद मुख्य ख़तरा है. वर्तमान में दक्षिणपंथी अवसरवादी वे विघटनकारी हैं जो पार्टी को खुली और क़ानूनी बनाना चाहते हैं; इसीलिए वे हथियारबंद संघर्ष से परित्याग कर संशोधनवादी की जिंदगी जीते हैं. इस लाइन की अगुवाई फ़िलहाल सोनू उर्फ़ वेणुगोपाल और बलराज उर्फ़ बच्चा प्रसाद सिंह के द्वारा की जा रही है.
उत्तर भारत में, बलराज उर्फ़ बच्चा प्रसाद सिंह हमारी पार्टी के ख़िलाफ़ एक नेतृत्व का निर्माण कर विघटनकारी खेमे की अगुवाई कर रहा है. इसने हमारी पार्टी से भी गोपनीय होकर नए विघटनकारी ग्रुप का एक केंद्र का गठन कर लिया है. इस ग्रुप द्वारा काम करने की पद्धति लीन पियाओ वाली ही है. लीन पियाओ का संशोधनवाद अन्य अवसरवादियों से भिन्न और विकसित था.
लीन पियाओ ने पार्टी लाइन और नेतृत्व पर हमले करने के लिए षड्यंत्रकारी पद्धति का इस्तेमाल किया. वह गोपनीय ढंग से पार्टी कार्यकर्ताओं और कुछ नेतृत्वकारी कामरेडों से मिलकर उनको पार्टी विरोधी खेमे में शामिल होने के लिए प्रेरित करता था. उसने यह पार्टी कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाकर उनका विश्वास हासिल किया था.
जब उसने यह षड्यंत्र रचा, तो उसने खुशचेव के आधुनिक संशोधनवाद की मुखरता से ख़िलाफ़त कर पार्टी और कामरेड माओ के करीबी के रूप में अपने आपको पेश करते हुए क्रांतिकारी प्राधिकार का सिद्धांत दिया. उसने कामरेड माओ की प्रशंसा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जबकि छलकपट और खामोशीपूर्वक ढंग से कामरेड माओ को मारने के लिए साजिश रची. यहीं लीन पियाओ का अवसरवाद था.
इसी प्रकार, बलराज ने उत्तर भारत में बैठकें आयोजित करके हमारी पार्टी की केंद्रीय कमेटी के ख़िलाफ़ एक समानांतर केंद्र गठन करने का प्रयास किया. उसने हमारे पोलित ब्यूरो सदस्य और उत्तर भारत के इंचार्ज के ख़िलाफ़ साजिश रची. परंतु उसने दृढ़ता के साथ दावा किया कि वह पार्टी और पार्टी के नेतृत्व में जारी आंदोलन के प्रति वफ़ादार है. वह क्रांतिकारी क़तारों के बीच घुसने का प्रयास कर रहा है और हमारे कामरेडों की पहचान और जगह ढूंढने में दुश्मन की मदद कर रहा है.
वह पार्टी विरोधी विघटनकारी खेमे को और व्यापक करने का भरसक प्रयास कर रहा है. परंतु क्या वह मार्क्सवाद-लेनिनवाद-माओवाद के अमिट प्रहार के सामने टिक सकता है. कामरेड माओ ने कहा है कि ‘किसी भी देश या स्थान पर जहां कोई उत्पीड़न है, वहां प्रतिरोध भी मिलता है, जहां संशोधनवाद है, वहां कोई मार्क्सवादी-लेनिनवादी उसके ख़िलाफ़ संघर्ष करता हुआ भी मिलता है.’ हमें अवसरवाद की सभी झलकों को मिट्टी में गाढ़ना होगा.
हम यहां बलराज के पार्टी विरोधी भूमिगत नेट्वर्क का भंडाफोड़ कर रहे हैं जोकि हरियाणा में जोगिंद्र सिंह उर्फ़ सतीश मास्टर के मुखौटे के अंतर्गत सक्रिय है. यह दर्ज करना ज़रूरी है कि 15-16 नवंबर, 2019 में षड्यंत्रकारी बलराज उर्फ़ बच्चा प्रसाद सिंह ने दिल्ली, पंजाब समेत उत्तर भारत के कुछ कामरेडों के साथ एक सांगठनिक बैठक आयोजित की. इस मीटिंग में हरियाणा के जोगिंद्र सिंह उर्फ़ सतीश शामिल हुए.
इस षड्यंत्र का मालूम होते ही पार्टी विरोधी विघटनकारी खेमे की बैठक में शामिल होने वाले साथियों से इस बारे में आत्मालोचना पेश करने के लिए हमारी पार्टी प्रयास कर रही है. परंतु जोगिंद्र सिंह उर्फ़ सतीश गद्दार बलराज और उसके आदमी दर्शनपाल के साथ एकता को मज़बूत करने में लगा हुआ है. उसने अपना संगठन दर्शनपाल के साथ मिला दिया है.
यह जानना जरूरी है कि हमारी पार्टी ने डॉ. दर्शनपाल को पहले ही निष्कासित कर दिया है. विश्व सर्वहारा के गद्दार डॉ. दर्शनपाल को उसके अपने संगठन के लोगों ने भी निकाल बाहर कर दिया है. यह जनता के बीच में जनांदोलन के विघटनकारियों के ख़िलाफ़ नफ़रत को दर्शाता है. हम उन साथियों को क्रांतिकारी सलाम पेश करते हैं जिन्होंने डॉक्टर दर्शनपाल को अपने जनसंगठन से निष्कासित किया है. यह संघर्ष इतिहास के पन्नों में समर्पणवादियों के ख़िलाफ़ संघर्ष के रूप में दर्ज होगा.
हमारी केंद्रीय कमेटी-पोलित ब्यूरो ने नवंबर 2023 में सभी पार्टी सदस्यों के लिए लिखित रूप से और मौखिक रूप से सभी हमदर्दों तक एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें बलराज उर्फ़ बच्चा प्रसाद सिंह की अगुवाई में आयोजित विघटनकारी बैठक में जाने वाले सभी साथियों से यह अपील की गई कि वे अपना आत्मालोचना पेश करते हुए उचित पार्टी ढांचें में आएं और उनसे यह भी कहा गया कि जो भी भी राजनीतिक-सैद्धांतिक मतभेद हैं, उन्हें जनवादी केंद्रियता के नियमानुसार हल करें.
जब यह अपील पत्र जोगिंद्र उर्फ़ सतीश को दिया गया तो उसने साफ़ मना करते हुए यह कहा कि पार्टी के साथ किसी भी प्रकार की एकता नहीं बनायेंगे और बलराज के विघटनकारी गुट में ही शामिल रहेंगें. इस प्रकार जोगिंद्र उर्फ़ सतीश क्रांतिकारी राजनीति से बहुत दूर चले गए हैं. वह कहते हैं कि मैदानी इलाके में हथियारबंद संघर्ष नहीं हो सकता. असल में, यह अर्थवादी-सुधारवादी संघर्ष की ही दलील है.
वे कहते हैं कि लेनिनवादी भूमिगत पार्टी निर्माण करना वामपंथी दुस्साहसवाद है. चीनी रास्ते से भटकर हरियाणा में जोगिंद्र उर्फ़ सतीश हथियारबंद संघर्ष को तिलांजलि देने का काम किए हैं. यह सब उन्होंने हरियाणा के अंदर हमारी पार्टी के नेतृत्व में चलाई गई एल.ओ.एस. अभ्यास को अपने तरीके से तोड़-मरोड़कर सबक़ लेने की बात से निकाला है.
हालांकि सत्य यह है कि पार्टी को नुक़सान एल.ओ.एस. चलाने या चीनी रास्ते पर चलने से नहीं, बल्कि भूमिगत पार्टी निर्माण व्यवहार में लागू करने में कमज़ोरियों के कारण हुआ, ऐसा हमने 2016 प्लेनम रिपोर्ट में भी चिन्हित किया है. पर जोगिंद्र उर्फ सतीश जैसे अवसरवादी जो ख़तरा देखते ही शासक वर्ग की गोद में जा बैठते हैं, राजकीय दमन के मौके का फायदा उठाकर क्रांतिकारी राजनीति को ही छोड़ बैठते हैं.
अवसरवादी-विघटनवादी-संशोधनवादी तत्वों का यह रुझान कामरेड मार्क्स और कामरेड एंगेल्स के समय से देखा जा सकता है. जब-जब सर्वहारा वर्ग ने ज़्यादा कुर्बानी की मांग की है, तब-तब निम्न पूंजीपति वर्गीय अवसरवादी तत्वों ने धोखा और सिर्फ धोखा ही दिया है. इसका ताज़ा और उत्कृष्ट उदाहरण वेणुगोपाल का हथियारों के साथ दुश्मन के सामने आत्मसमर्पण करना है. जोगिंद्र उर्फ़ सतीश भी इन्हीं का एक अनुयायी है. जोगिंद्र उर्फ़ सतीश, बलराज का ही एक हरियाणवी स्वरूप है.
पार्टी के अंदर अवसरवादी-विघटनवादी-संशोधनवादी नहीं रह सकते. इसीलिए पार्टी संविधान की धारा-27, जो कि यह कहती है कि जो कोई भी पार्टी लक्ष्यों और उद्देश्यों को नकारकर पार्टी के ढांचें व कार्यक्रम का उलंघन करता है, उसपर अनुशासनिक कार्यवाई की जायगी.
पार्टी की नौवीं कांग्रेस-एकता कांग्रेस में तय की गई लाइन से भटकते हुए जोगिंद्र उर्फ़ सतीश ने विघटनवादी खेमे में सक्रियता दिखाई. इसीलिए सतीश पार्टी विरोधी अनुशासनहीनता कर रहे हैं. बलराज के नेतृत्व में चल रहे विघटनकारी संगठन की सदस्यता के कारण हम जोगिंद्र उर्फ़ सतीश को पार्टी की बुनियादी सदस्यता से निष्कासित करते हैं क्योंकि वे पार्टी और विघटनकारी दोनों के साथ नहीं रह सकते.
इसके साथ ही हम जोगिंद्र उर्फ सतीश के संगठन में मौजूद हमारे सभी साथियों से अपील करते हैं कि वे अपने इलाके के उचित पार्टी ढांचें में शामिल हों और अवसरवाद-विघटनवाद-संशोधनवाद के सभी रूप-रंगों के ख़िलाफ़ लड़ाई को तेज करें. याद रखें कि विजय हमारी यानी सच्चे मार्क्सवादी-लेनिनवादी-माओवादी की ही है.
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