मारे जाएंगे
जो इस पागलपन में शामिल नहीं होंगे, मारे जाएंगे कठघरे में खड़े कर दिये जाएंगे जो विरोध में बोलेंगे जो...
Read moreDetailsजो इस पागलपन में शामिल नहीं होंगे, मारे जाएंगे कठघरे में खड़े कर दिये जाएंगे जो विरोध में बोलेंगे जो...
Read moreDetailsक्रांतिकारी कवि वरवर राव की नजरबंदी त्रासदपूर्ण अन्याय रही ! इंदरा राठौड़ सत्ता की कान में आसानी से कोई जूं...
Read moreDetailsलोहे के पुल लोहे के पुल लोहे की ज़ंजीरें भी थीं वक़्त के साथ टूट गए बहते हुए पानी में...
Read moreDetails'संकोफ़ा' : क्योंकि इतिहास कभी अलविदा नहीं कहता... मनीष आजाद ‘ओपन वेन्स ऑफ लैटिन अमरीका’ जैसी चर्चित पुस्तक के लेखक...
Read moreDetails1. वहीं ब्याहना मुझे ! मुझे उतनी दूर मत ब्याहना जहां मुझसे मिलने जाने ख़ातिर घर की बकरियां बेचनी पड़े...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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