मानवता और सभ्यता, मुनाफे की होड़ में कहीं बहुत पीछे छूट गई है !
हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना जिस दिन बाजार ने पानी को, चिकित्सा को और शिक्षा को मुनाफे...
Read moreDetailsहेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना जिस दिन बाजार ने पानी को, चिकित्सा को और शिक्षा को मुनाफे...
Read moreDetailsलोकसभा में राहुल के भाषण से निस्तेज होते संघी भाजपाई भाजपा, खासकर अनपढ़ नरेन्द्र मोदी, अपने पूरे काल में राहुल...
Read moreDetailsजगदीश्वर चतुर्वेदी नागपुर के घृणा उद्योग का उत्पादन जोर से चल रहा है. श्रृंखलाबद्ध ढंग से वे मसले फेंक रहे...
Read moreDetailsइमरजेंसी के बीज 1947 से दबे पड़े थे...! इमरजेंसी के बीज 1947 से दबे पड़े थे...! 15 अगस्त 1947 को...
Read moreDetailsज़रा सा जो याद रह जाता है वह होता है ढेर सारा प्यार वही प्यार जिसे मेरे नंगे पैरों को...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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