सुब्रतो चटर्जी की दो कविताएं
हर रोज़ समंदर की तरफ़ खुलती है एक हत्यारी खिड़की और वो लड़की अपनी तर्जनी के पोर में समेटकर एक...
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Read moreDetails'मज़दूरों की हत्याएं नहीं सहेंगे' - क्रांतिकारी मज़दूर मोर्चा, हरियाणा धारूहेड़ा ज़िला रेबाड़ी, हरियाणा स्थित, 'लाइफलॉन्ग प्रा. लि.' नाम की...
Read moreDetails'Innocence Project’ and ‘The Innocence Files’ मनीष आजाद 2014 में ‘शुभ्रदीप चक्रवर्ती’ की एक महत्वपूर्ण दस्तावेजी फिल्म आयी थी- ‘आफ्टर...
Read moreDetailsदोस्त कहते हैं - प्रेम पर कविता क्यों नहीं लिखते ? मैं दिखाता हूं उन्हें कई डायरियां, कुछ भरी, कुछ...
Read moreDetailsशीला पंत बनाम पंडित मैडम खान आरएसएस एवं तमाम हिन्दूवादी संगठन इस बात को छिपाते फिरते हैं कि पाकिस्तान के...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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