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‘आज़ाद था, आज़ाद हूं, आज़ाद हीं रहूंगा’ – HSRA के ‘कमांडर इन चीफ’ चंद्रशेखर आज़ाद

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पार्टी संगठन और पार्टी साहित्य – लेनिन

अक्टूबर क्रांति के बाद से रूस में सामाजिक-जनवादी कार्य के लिए जो नई परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, उन्होंने दलीय साहित्य...

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केके बनाम केके : शिक्षा एक संवेदनशील मसला है, फैक्ट्री के कामगारों और विद्यालय के शिक्षकों में अंतर समझने की जरूरत है

हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना आज से पंद्रह-सोलह वर्ष पहले, संभवतः 2007 के दौरान बिहार में एक...

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एक डरपोक, असहिष्णु, कुंठा से भरा रेजीम अपने पूरे दौर को बांझ बना देता है

एक डरपोक, असहिष्णु, कुंठा से भरा रेजीम अपने पूरे दौर को बांझ बना देता है अमिताभ बच्चन चुनाव जीत जाते...

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