आगामी बीस सालों में समाज का संपूर्ण लंपटीकरण हो जायेगा अगर…
आगामी बीस सालों में समाज का संपूर्ण लंपटीकरण हो जायेगा अगर... सुब्रतो चटर्जी समाजशास्त्रियों को भारत में पिछले एक दशक...
Read moreDetailsआगामी बीस सालों में समाज का संपूर्ण लंपटीकरण हो जायेगा अगर... सुब्रतो चटर्जी समाजशास्त्रियों को भारत में पिछले एक दशक...
Read moreDetailsगांधी, नेहरू और सुभाष श्याम बेनेगल की फिल्म 'नेताजी द अनफॉरगोटेन हीरो' में एक दृश्य है. 10 दिसंबर 1942 की...
Read moreDetailsगुरू घंटाल न जाने कब तक जिन्दा रहेगा और न जाने कब तक अज्ञान का घंटा बजाता रहेगा जिसके शोर...
Read moreDetailsजवाहर का खून, उनकी रगों में अपना रंग दिखा रहा है 1947 का मशहूर किस्सा है... पार्टीशन की बेला थी,...
Read moreDetailsअगर मुझे किसी मंदिर से और किसी वेश्यालय से एक साथ निमंत्रण मिले तो मैं वेश्यालय जाना पसंद करूंगा, क्योंकि...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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