हमारे छीनते मानवाधिकार, हमारी नासमझी और हमारी उदासीनता
हमारे छीनते मानवाधिकार, हमारी नासमझी और हमारी उदासीनता हमारा देश 15 अगस्त 1947 के अंग्रेजी राज से आजाद हुआ. 26...
Read moreDetailsहमारे छीनते मानवाधिकार, हमारी नासमझी और हमारी उदासीनता हमारा देश 15 अगस्त 1947 के अंग्रेजी राज से आजाद हुआ. 26...
Read moreDetailsनंद किशोर सिंह ठोस परिस्थिति का ठोस विश्लेषण मार्क्सवाद की जीती-जागती आत्मा है. हमारे देश में 1947 में हुए सत्ता...
Read moreDetailsहम क्रांति के पाठकों के लिए सीपीआई (माओवादी) महासचिव कॉमरेड बसवराजू द्वारा किसी विदेशी पत्रकार को दिए गए पहले साक्षात्कार...
Read moreDetailsसाक्षात्कार 2 : केंद्रीय सैन्य आयोग के प्रमुख के रूप में सीपीआई (माओवादी) के महासचिव कॉमरेड बासवराज का साक्षात्कार साक्षात्कारकर्ता:...
Read moreDetailsमाओवादी सूचना बुलेटिन के संपादक ने दंडकारण्य के घने जंगलों में सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के प्रमुख...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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