फिलिस्तीनी कवि महमूद दरवेश की पांच कविताएं
फिलिस्तीनी कवि महमूद दरवेश की पांच कविताएं 1. आदमी के लिए उन्होंने उसका मुंह कपड़ा ठूंसकर बंद कर दिया उसके...
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Read moreDetailsवो बच्चों के काले लिबास से डर जाता है वो तानाशाह है खुद की परछाईं से डर जाता है. खरीदता...
Read moreDetailsपुतिन बना देंगे - एक था अमेरिका अमेरिका कभी भी रुस से सीधे युद्ध नहीं कर सकता. रुस एक शक्तिशाली...
Read moreDetailsफ़ासीवाद पर सेमिनार एवं ‘क्रांतिकारी मज़दूर मोर्चा’ का पहला सम्मलेन - एक रिपोर्ट 'फ़ासीवाद का एक ईलाज़ – ख़त्म करो...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार भारत देश एक भयानक लूट के दौर से गुज़र रहा है. भारत के जंगल, खदानें, समुन्दर के तट,...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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