बुद्धिलाल पाल की तीन कविताएं
1. चिर-निद्रा फासिस्ट के सिर पर कोई सींग नही होते दिखता है आदमी जैसा चलना फिरना बात करना आदमी जैसे...
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Read moreDetailsउत्तर कोरिया की आम जनता का जीवन स्तर अमेरिका के बराबर या कई मायनों में अमेरिका से भी उपर ही...
Read moreDetailsइसरो चीफ का बयान प्रकरण : अंधविश्वास विज्ञान दूर करता है, न कि वैज्ञानिक सुब्रतो चटर्जी इसरो प्रमुख सोमनाथ के...
Read moreDetailsउत्तर कोरिया : 70 वर्षों के अमेरिका विरोधी टकराव का निष्कर्ष विगत 27 जुलाई 2023 को पितृभूमि मुक्ति युद्ध में...
Read moreDetailsआम मेहनतकश जनता के सच्चे मित्र सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य कॉ. मिलिंद बाबूराव तेलतुमब्डे अमर रहें ! 13...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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