जनवादी कवि व लेखक विनोद शंकर के घर पुलिसिया दविश से क्या साबित करना चाह रही है नीतीश सरकार ?
जनवादी कवि व लेखक विनोद शंकर और विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का पोस्टर केन्द्र की फासिस्ट मोदी सरकार...
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Read moreDetailsपहले जरूरी आवश्यकताओं पर पैसा खर्च हो, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो ! एक बाप स्ट्रेचर पर तडपते हुए अपने बेटे...
Read moreDetailsगुडबाय जेलेंस्की और नाटो अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व अधिकारी लैरी जानसन ने कहा है कि सीआईए जेलेंस्की की...
Read moreDetails'NAZARIYA' : Land Struggles in India मनीष आजाद सोशल मीडिया / इंटरनेट और तेज़ी से बदलते दौर में लघु-पत्रिकाओं के...
Read moreDetailsआखिर राज्य में कितनी चीटियां है ... ? राजा को वरदान है उसे कोई मार नहीं सकता. लेकिन साथ ही...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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