हिटाची के संघर्षरत मज़दूरों के समर्थन में ज़ोरदार प्रदर्शन
हिटाची के संघर्षरत मज़दूरों के समर्थन में ज़ोरदार प्रदर्शन तेज़ बारिश और जल-भराव से समतल नज़र आती टूटी सड़कों के...
Read moreDetailsहिटाची के संघर्षरत मज़दूरों के समर्थन में ज़ोरदार प्रदर्शन तेज़ बारिश और जल-भराव से समतल नज़र आती टूटी सड़कों के...
Read moreDetailsइसी तरह बीच बीच में तुम मुझे याद आती रही जब वे मेरी पीठ से सटी चादर को जबरन खींच...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार आपने कभी शांति को महसूस किया है ? कुत्ता भौंका, आपने ध्यान दिया कि शोर हो रहा है...
Read moreDetailsजगदीश्वर चतुर्वेदी प्रभाष जोशी हिन्दी के बड़े गद्यकार, संपादक और विचारक हैं. उनके गद्य को आधुनिक हिन्दी साहित्य और मीडिया...
Read moreDetailsमैं निर्विघ्न खाना खा रहा हूं तो यह यूं ही नहीं है यह एक ऐतिहासिक बात है ऐसा न हो...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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