उत्पीड़कों की हिफाजत कर रही है हमारी कानून व्यवस्था
मुनेश त्यागी भारत के संविधान में सस्ते और सुलभ न्याय की व्यवस्था कायम की गई है. वहां पर प्रावधान किया...
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Read moreDetailsअमावस की रात अमावस की रात जली हुई काली रोटी है जब मुझे भटकना अच्छा लगता है तो मैं तुम्हारे...
Read moreDetailsसोमालियन पार्लियामेंट फासिस्ट आर्किटेक्चर के ध्वंसावशेष का रुप है भारत का मोदी निर्मित 'सेन्ट्रल विष्टा' पेलाजो ब्राशची...मुसोलिनी की फासिस्ट पार्टी...
Read moreDetailsकबीर : इंसान और इंसानियत के सच्चे प्रतीक और प्रतिनिधि राम अयोध्या सिंह कबीर भारत के ऐसे सबसे पहले और...
Read moreDetailsराजद्रोह कानून खत्म करने की कोशिश में खुद रिटायर हो गए चीफ जस्टिस रमन्ना कनक तिवारी रिटायर हो गए चीफ...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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