प्रिय अंडों और नफरती चिंटुओं…, फ्लॉवर समझा है क्या, फायर है हम…!
आभा शुक्ला क्या सच में आपके आईटी सेल के विमर्श का स्तर इतना गिर गया है कि मेरे लेखों के...
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Read moreDetailsआप जैसे हैं आपको वैसे ही लोग मिलेंगे...! आभा शुक्ला बचपन में सुनती थी कि मुसलमान बहुत निर्दयी होते हैं...वो...
Read moreDetailsसंस्कृतियों का फर्क : सरहुल की शोभायात्रा में 'पथराव' क्यों नहीं होता कभी ? विनोद कुमार रांची की सड़कों पर...
Read moreDetailsइस लौंडे को पहचानिए ! आभा शुक्ला इस लौंडे को पहचानिए ! इसका नाम सुनील साव है. ये बिहार मुंगेर...
Read moreDetailsक्यूं छोटी सोच रखते हो..?? क्या सुनील दत्त ने नरगिस को सूटकेस में पैक किया..!! हां एक हिंदू पति के...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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