संस्थाएं कमजोर हो रही हैं तो उनकी कीमत पर मजबूत कौन हो रहा है ?
हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना सवाल है कि संस्थाएं अगर कमजोर हो रही हैं तो उनकी कीमत पर...
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Read moreDetailsकिसकी है जनवरी, किसका अगस्त है ? कौन यहां सुखी है, कौन यहां मस्त है ? सेठ है, शोषक है,...
Read moreDetailsसौमित्र राय अब बताइए कि ये गणतंत्र और देश का संविधान किनकी चौखट पर चाकरी कर रहा है ? दो...
Read moreDetailsजनता के साथ संपर्क, इन संपर्कों को सुदृढ़ बनाना, जनता की आवाज़ सुनने के लिए तत्पर रहना, इसी में बोल्शेविक...
Read moreDetailsऔरतों के लिए ‘रामचरितमानस’ का अर्थ सीमा आजाद 2022 के 15 अगस्त को, जिस दिन सरकार ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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