हमारा अपना महिषासुर : एक दैत्य अथवा महान उदार द्रविड़ शासक, जिसने अपने लोगों की लुटेरे-हत्यारे आर्यों से रक्षा की ?
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Read moreDetailsहाल ही में फ़ैज़ का जन्मशती वर्ष खत्म हुआ है, इस मौके पर हिन्दी में जनवादी लेखक संघ की पत्रिका...
Read moreDetailsप्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी, हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष, कलकत्ता विश्वविद्यालय, कोलकाता सुनने और पढ़ने में अटपटा लग सकता है लेकिन...
Read moreDetailsमलखान सिंह और उनकी कविताएं इधर मुकाबले में पहले के ब्राह्मण से आज का ब्राह्मण भिन्न हुआ है. स्वीकार-अस्वीकार के...
Read moreDetailsपिछले दिनों समाचार एजेंसी ‘स्क्रॉल’ द्वारा प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार असम में आधार नंबर और राशन कार्ड को जोड़ने...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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