मांओं की अपनी प्रेम कहानियां
मां तो मां ही होती है लेकिन एक दिन मां की एक पुरानी सहेली ने हमसे यूं ही कहा तुम्हारी...
Read moreDetailsमां तो मां ही होती है लेकिन एक दिन मां की एक पुरानी सहेली ने हमसे यूं ही कहा तुम्हारी...
Read moreDetailsधरती पर कुछ साम्राज्य थे जिनका राष्ट्रों पर अवैध कब्जा था. राष्ट्र लड़ रहे थे साम्राज्यवादियों के खिलाफ. राष्ट्र में...
Read moreDetailsईसा के बाद भारत में दलित-पिछड़े (90%) शूद्र वर्गों के लोग, 16वीं शदी के मुगल काल तक गुलाम रहे इन्हें...
Read moreDetailsराहुल गांधी की तुलना में नरेन्द्र मोदी हर बार टुच्चे मूर्ख साबित हुए हैं, इसके बावजूद आज तक नफरती चैनल्स...
Read moreDetailsसंघियों ने अपने 100 साल के इतिहास में नफरतों की फसल इस कदर बोया कि समूचे देश में नफरतों की...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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