सांपों की सभा : ‘हमें लोकतंत्र को लोकतांत्रिक ढंग से खत्म करना है’
'तुम में जहर नहीं है, इसलिए तुम कमजोर हो !' सांप ने चूहे से कहा. 'जिसके अंदर जहर होता है...
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Read moreDetailsखुल्ला खेल अहमदाबादी : धंधा पहले धर्म बाद में गिरीश मालवीय इस देश में 'खुल्ला खेल अहमदाबादी' चल रहा है....
Read moreDetailsवे पांच थे निर्वासन में थे लेकिन पांडव नहीं थे उनकी हार भी चौसर के खेल में हुई थी...
Read moreDetailsयह वाकया 1994 का है. सिंगापुर की यात्रा पर गये पी. वी. नरसिंहराव वहां के पीएम के साथ साझा प्रेस...
Read moreDetailsविष्णु नागर भारत में आजकल केवल एक सत्यवादी बचा है - वन एंड ओनली सत्यवादी, बाकी 2014 के मध्य तक...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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