एक फोन कॉल की दूरी पर नींबू की मंहगाई
एक फोन कॉल की दूरी पर नींबू की मंहगाई विष्णु नागर महंगाई-महंगाई की चें-चें, पें-पें से मेरा तो अब सिर...
Read moreDetailsएक फोन कॉल की दूरी पर नींबू की मंहगाई विष्णु नागर महंगाई-महंगाई की चें-चें, पें-पें से मेरा तो अब सिर...
Read moreDetailsआज उसने उससे कह ही दिया एक असहमति के बाद तुम मेरी रखैल... वो सिहर गयी टूट गयी बिखर गयी...
Read moreDetailsएक अजब खबर आई है गिद्ध कम होते जा रहे हैं ! अनुमान लगाया जा रहा है कि वे आदमी...
Read moreDetailsकॉलेज के विद्यार्थियों का एक ग्रुप मोदी से मिला और पूछा कि - सर, बीजेपी का मुद्दा क्या है ?...
Read moreDetailsKFC का धंधा बढ़ाने के लिए व्रत के नाम पर मांसाहार का खुदरा बाजार बंद करने का पाखण्ड बंद कीजिए...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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