फासिस्ट चुनाव के जरिए आता है, पर उसे युद्ध के जरिये ही खत्म कर सकते हैं
फासिस्ट ताकतें सड़ांध पूंजीवादी व्यवस्था, जो पककर साम्राज्यवादी आदमखोर में बदल चुका होता है, को जीवन देने वाली वह कीड़ा...
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Read moreDetailsविवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में दिख रही नफरत की सुगबुगाहट को जाहिर कर...
Read moreDetailsशमसुल इस्लाम दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर हैं. वे एक लेखक, स्तंभकार और नाटककार के रूप में वे...
Read moreDetailsअमेरिका अमेरिका से जापान जापान से परेशान है और एक हम हैं वहीं जाने पर तुले हैं आत्महत्या करने के...
Read moreDetailsस्क्रीन पर एक तस्वीर उभरती है धीरे-धीरे समझ आता है यह कोई एंकर नहीं;सौदागर है, जब वह अपने खाली झोले...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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