भगतों के अनंत दुःख का पारावार नहीं
विष्णु नागर भारत के 'महान उपन्यासकार' और माननीय मोदी जी के 'चरमभक्त' श्री-श्री चेतन भगत जी ने सवाल उठाया है...
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Read moreDetailsमोतिहारी फाइल्स : लाइट-साउंड-रोल कैमरा-एक्शन गिरीश मालवीय पहला सीन लाइट-साउंड-रोल कैमरा-एक्शन कैमरा एक 14 साल के बच्चे को दिखा रहा...
Read moreDetailsखूनी कार मेरे पास एक कार थी. उसकी खूबी यह थी कि वह पेट्रोल की बजाए आदमी के ताजे खून...
Read moreDetailsहेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना रूस-यूक्रेन युद्ध और इससे उपजा गम्भीर भू-राजनीतिक तनाव भूमंडलीकरण के अंतर्विरोधों का स्वाभाविक...
Read moreDetailsलाशों के भी नाखून बढ़ते हैं अगर अंतिम क्रिया को तुमने दो चार दिन टाल दिया या, अगर किसी वजह...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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