आदिवासियों की अर्थव्यवस्था तबाहकर लुटेरों की क्रूर हिंसक सैन्य मॉडल विकास नहीं विनाश है
हिमांशु कुमार केन्द्रीय भारत के आदिवासी की अर्थव्यवस्था कुछ ऐसी है. वह बरसात में खरीफ में धान की फसल लेता...
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Read moreDetailsमाओवादी विद्रोही को वियतनामी गुरिल्ला युद्ध में खासा दिलचस्पी है क्योंकि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष माओ त्से-तुंग के बाद...
Read moreDetailsसौमित्र राय प्रधानमंत्री पगला गए हैं. हेलिपैड पर शून्य में हाथ हिलाने और सायकल पर बम की झूठी बात कहने...
Read moreDetailsरविश कुमार महंगाई के समर्थकों के अच्छे दिन आने वाले हैं. उन्हें फिर से मध्यम वर्ग को गर्व से समझाने...
Read moreDetailsविष्णु नागर चुनाव के दिन. लखनऊ से दिल्ली तक का सिंहासन डोलने के दिन। जिन्हें पांच साल तक लात मारी,...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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