संसद में मक्कार मोदी का मक्कारी भरा भाषण
कांग्रेस के लोगों ने मुंबई के रेलवे स्टेशन पर खड़े रहकर मुंबई छोड़कर जाने को प्रोत्साहित करने के लिए लोगों...
Read moreDetailsकांग्रेस के लोगों ने मुंबई के रेलवे स्टेशन पर खड़े रहकर मुंबई छोड़कर जाने को प्रोत्साहित करने के लिए लोगों...
Read moreDetailsदेश के बुद्धिजीवी वर्ग जिस संभावना की ओर पिछले कई सालों से संकेत कर रहे थे, कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी...
Read moreDetails(25 सितंबर 1881 - 19 अक्टूबर 1936) लू-शुन विश्व पटल पर एक ऐसे साहित्यकर्मी के रूप में पहचाने जाते हैं,...
Read moreDetailsलू-शुन एक गुलाम हरदम लोगों की बाट जोहता रहता था, ताकि उन्हें अपना दुखड़ा सुना सके. वह बस ऐसा ही...
Read moreDetailsकुछ लोग मुझे इसलिए छोड़े कि मैं उनके जैसा उनके जितना उतना अच्छा नहीं था वे लोग मुझे ज्यादा छोड़े...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.