न दरवाजा, न दुकानदार, ग्राहक खुद रख देते हैं सामान के पैसे
आज के जमाने में जब लोग अपनों पर भी खुलकर भरोसा नहीं कर पाते, ऐसे में क्या कोई दुकानदार...
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Read moreDetailsअल्लामा इकबाल के शहर, हमारी सरताज खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा की ससुराल पाकिस्तान के सियालकोट में कट्टरपंथियों ने जो किया उससे...
Read moreDetailsसंसद में तीनों काले कानून वापस ले लिए गए. डेढ़ लोगों की सरकार ने जिस तरह बिना संसद में चर्चा...
Read moreDetailsकिसान आन्दोलन से निकली ऊर्जा का प्रयोग सत्ता पर कब्जा करने में करने में करनी चाहिए, भले ही इसका माध्यम चुनाव...
Read moreDetailsगिरीश मालवीय कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट को मिलती मीडिया हाइप को देखने के बाद तो कम से कम लोगो को...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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