अफ़ग़ानी कविताएं
जब पिछली बार तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़ा किया था तो वहां एक जीता-जागता जहन्नुम बना दिया था. इसका सबसे...
Read moreDetailsजब पिछली बार तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़ा किया था तो वहां एक जीता-जागता जहन्नुम बना दिया था. इसका सबसे...
Read moreDetailsआस्तिक - आप अच्छे इन्सान हैं लेकिन एक ही बुराई है, आप नास्तिक हैं, भगवान को नहीं मानते. मैं -...
Read moreDetailsराजा राम एक हौज़री मज़दूर हैं. वे डिज़ाइनर का काम तो करते ही हैं, बल्कि साथ ही ‘मशीन मास्टर’ भी...
Read moreDetailsविश्व गुरु बनने के झूठे सपनों ने देश की सत्ता पर नाम कमाने की विराट भूखा, बेगैरत और गैर-जिम्मेदार गिरोह...
Read moreDetailsप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निर्णय नहीं कर पा रहे हैं कि ये गुड तालिबान है या बैड तालिबान ? गुड तालिबान,...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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