गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध
कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण ये शहर अब अपने पिंजरे में दुबके हुए किसी जानवर सा...
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Read moreDetailsतुलसीदास को हिंदी साहित्यकारों, आलोचकों ने मूलत: दो तरीके से देखा है. पहली तरह के लेखक आलोचक समझते हैं कि...
Read moreDetailsभारत के खनिज संपन्न मध्य क्षेत्र को करीब 1 लाख केंद्रीय सशस्त्र बलों ने घेर रखा है. इसी साल अब...
Read moreDetailsनामवर सिंह : अवसरवादी राजनीति के प्रतीक जगदीश्वर चतुर्वेदी नामवर सिंह का आना-जाना कोई सीधा-सरल मामला नहीं है. वह कोई...
Read moreDetailsमेरे अंगों की नीलामी अब मैं अपनी शरीर के अंगों को बेच रही हूं एक एक कर. मेरी पसलियां तीन...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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