अभावों में भी क्रांतिकारी गीतों की मशाल जलाते रहे शंकर शैलेंद्र
अभावों में भी क्रांतिकारी गीतों की मशाल जलाते रहे शंकर शैलेंद्र मुनेश त्यागी तू जिंदा है तो जिंदगी की जीत...
Read moreDetailsअभावों में भी क्रांतिकारी गीतों की मशाल जलाते रहे शंकर शैलेंद्र मुनेश त्यागी तू जिंदा है तो जिंदगी की जीत...
Read moreDetailsअभिसारिका सोचो कि तुम सज धज कर मुझसे मेरे घर मिलने आई हो पहली बार और मैं तुम्हें वहां ब्रुकलिन...
Read moreDetails'कंगना में मीराबाई जैसी भक्ति है, महारानी पद्मिनी का तेज है और विरोधियों से जुझने के लिए रानी लक्ष्मीबाई जैसा...
Read moreDetailsपत्थलगड़ी कमलेश बिसराम बेदिया सब जानता है. नदी-नाला, जंगल-पहाड़ और पेड़-पौधे सबके बारे में. आप छोटानागपुर के किसी भी इलाके...
Read moreDetailsखजाना बाबा ने रिमजू के घर चप्पे चप्पे का मौका मुआयना किया. दीवारें कुरेद-कुरेद कर सूंघी, मिटटी को उठाकर उसे...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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