Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

सरकार में बैठकर भारतीय रेल को ख़त्म कर भारत को बर्बाद करने की योजना

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 4, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

सरकार में बैठकर भारतीय रेल को ख़त्म कर भारत को बर्बाद करने की योजना

पं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ

पॉल्टेशियन्स, सरकार में बैठकर इस भारतीय रेल को ख़त्म कर भारत को बर्बाद करने की योजना बना रहे हैं. भले ही भारतीय रेल अंग्रेजों की देन है मगर आज जो भारतीय रेल का प्रारूप है, वो भारत की उपलब्धि है. ऐसा लिखने का कारण भी जान लीजिये, यथा –

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

भारतीय रेल विश्व का चौथा और एशिया महाद्वीप का दूसरा एकल सरकारी स्वामित्व वाला सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और पिछले 165 वर्षों से ये भारत के परिवहन क्षेत्र का मुख्य घटक है. भारतीय रेल द्वारा वर्ष 2016 में (मेरे पास इसके बाद का आंकड़ा नहीं है इसीलिये 2016 का आंकड़ा ही दे रहा हूंं) ₹1,63,791 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया था, जो अब और ज्यादा बढ़ा ही होगा.




भारतीय रेल एक ऐसा उपक्रम है, जिसमें बहुल गेज प्रणाली है. जिसमें चौडी गेज (1.676 मिमी), मीटर गेज (1.000 मिमी) और पतली गेज (0.762 मिमी और 610 मिमी) है. उनकी पटरियों की लंबाई क्रमश: 89,771 किमी; 15,684 किमी और 3,350 किमी है जबकि गेजवार मार्ग की लंबाई क्रमश: 47,749 किमी; 12,662 किमी और 3,054 किमी है. भारतीय रेल के पास कुल चालू पटरियों की लंबाई 84,260 किमी है, जिसमें से 67,932 किमी चौडी गेज, 13,271 किमी मीटर गेज और 3,057 किमी पतली गेज है.

भारतीय रेल का पुरे भारत के परिवहन मार्ग का लगभग 28% मार्ग है, जिसमे चालू पटरी 39% है और कुल पटरियों का 40% मार्ग विद्धुतीकरण किया जा चुका है. भारतीय रेल 115,000 किमी मार्ग की रेल लाइनों से युक्त है. भारतीय रेल में 42,441 सवारी सेवाधान, 5,822 अन्‍य कोच यान, 2,22,379 वैगन यान है. भारतीय रेल के पास अभी 7,910 इंजनों का बेड़ा है. भारतीय रेल के अभी तक 7,172 रेल्वे स्‍टेशन से है, जो 16,31,582 लोगों को नियमित रोजगार देती है (अनियमित का तो मेरे पास आंकड़ा ही नहीं है). भारतीय रेल का देश के विकास में सबसे ज्यादा योगदान है.




भारतीय रेल की सफलता

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे जो पतली गेज की एक बहुत पुरानी रेल व्यवस्था है, उसे यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत घोषित किया गया है. यह रेल अभी भी डीजल से चलित इंजनों द्वारा खींची जाती है और आजकल यह न्यू जलपाईगुड़ी से सिलीगुड़ी तक चलती है. इस रास्ते में सबसे ऊंंचाई पर स्थित स्टेशन घूम है. इसके अलावा नीलगिरि पर्वतीय भारतीय रेल को भी विश्व विरासत घोषित कर संरक्षित किया गया है.

भारतीय रेल में लग्जरी रेल परिवहन में पैलेस ऑन व्हील्स, समझौता एक्सप्रेस, कोंकण रेलवे, डेक्कन, थार एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस जैसी सेवायें हैं, जिनका लुत्फ़ टूरिस्ट से लेकर भारतीय तक उठाते हैं.




पूरी दुनिया में लाइफ लाईन एक्सप्रेस सिर्फ भारतीय रेल के पास ही है जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में भारतीय रेल की एक चलंत (मोबाइल) अस्पताल सेवा है जो किसी भी नाजुक स्थितियों में लोगों की जान बचाने में सक्षम है. भारतीय रेल की अत्याधुनिक रेल प्रणाली में मेट्रो रेल के बाद टी18 का संचालन भी शामिल हो चूका है. सबसे खास बात भारतीय रेल के प्रथम वातानुकूलित सेवाओं का लाभ ज्यादा किराया और समय देकर भी भारतीय लोग और टूरिस्ट कर रहे हैं, वे उससे कम किराये और कम समय में फ्लाइट में भी जा सकते हैं लेकिन रेलवे में जो सुविधाजनक सफर उन्हें मिलता है, वो फ्लाइट में नहीं मिलता.

ऐसी भारतीय रेल व्यवस्था का निगमीकरण कर वर्तमान सरकार अपने पैरों पर कुल्हाड़ी नहीं बल्कि कुल्हाड़ी पर अपने पैर मार रही है. आने वाले समय में ये निगमीकरण निजीकरण में बदल जायेगा और इसके ठेकेदार इसके मालिक बन जायेंगे. फिर शुरू होगी एक अंतहीन लूट, जो आम नागरिकों से होगी. उनका रेल में सफर फ्लाइट की तरह महंगा और असुविधाजनक हो जायेगा और आने वाली सरकारों का राजस्व तो घटेगा ही, जिसकी आपूर्ति सरकार अन्य विकल्पों से भी नहीं कर पायेगी.




मैं नरेंद्र मोदी से कहूंगा कि आपने 2014 में कहा था कि ‘मेरे खून में व्यापार है.’ मैं भी मारवाड़ी हूंं और व्यापार के मामले  में मारवाड़ी, गुजरातियों से काफी ज्यादा आगे होते हैं. मैं आपसे पूछना चाहता हूंं कि ये कैसा व्यापार है जो घाटे पर घाटा खा रहा है ? और स्थिति यहांं तक आ गयी है कि घर के बर्तन-भांडे (सरकारी उपक्रम) तक बेचे या बंद किये जा रहे है ?

हे खून में व्यापार वाले महान व्यापारी, इसे दिवालियापन की ओर बढ़ना कहते हैं. अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि अपने फैसलों पर एक बार पुनर्विचार करें क्योंकि ये मामला देश का है, जो आपकी सत्ता से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है. और ये देश किसी नेताओं की जागीर नहीं है बल्कि इसे एक-एक भारतीय ने अपने खून से सींचा है, तब कहीं जाकर ये आज का भारत बना है. अतः अपने राजनैतिक विद्वेष को भूलकर राष्ट्रहित में फैसला लीजिये.

आपको बुरा तो जरूर लगेगा पर मैं आपको ‘क्षमासहित’ ऐसा नहीं लिखूंगा क्योंकि मैंने ये बात आपके अहम् पर चोट करने के लिये ही लिखी है. ये पढ़ने के बाद अगर आप फैसला बदलने का विचार बनायेंगे तो मेरी तरफ से आपको अग्रिम धन्यवाद और अगर आपने ये फैसले बदले और निजीकरण से वापिस सरकारीकरण स्वामित्व की तरफ बढें तो आपका धुर विरोधी होकर भी, मैं आपका मुरीद बन जाऊंगा.




Read Also –

दिल्ली मेट्रोः किराया बढ़ोतरी के विरोध में एक जरूरी कदम
नीलामी पर चढ़ा देश : देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों की नीलामी
हरिशंकर परसाई की निगाह में भाजपा




[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]




Previous Post

नित्य-प्रतिदिन गौ-शालाओं में हो रही गायों की मौत के पीछे कोई षड्यंत्र तो नहीं ?

Next Post

गौमांस पर राजनीति : हिन्दू पहले भी गौमांस खाते थे और अब भी खाते हैं

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

गौमांस पर राजनीति : हिन्दू पहले भी गौमांस खाते थे और अब भी खाते हैं

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

गृहमंत्री अमित शाह के नाम साथी रितेश विद्यार्थी का खुला खत : ‘दमन की इन्तहां, प्रतिरोध की धार को और पैना कर देती है !’

January 21, 2024

CPM : बोलने में मार्क्सवादी, कार्य में ब्राह्मणवादी

April 25, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.