Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

अत्यंत महत्वपूर्ण ख़बर जिसे इंडियन मीडिया ने मार डाला

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 30, 2024
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
27 टन हथियार, इंडिया से इजराइल जा रहे थे, स्पेन ने जहाज रोक दिया. ‘बार्सिलोना डॉक वर्कर्स यूनियन’ का ऐलान – ‘कुछ भी ही जाए, हम, इजराइल को हथियार नहीं जाने देंगे.’
अत्यंत महत्वपूर्ण ख़बर जिसे इंडियन मीडिया ने मार डाला
अत्यंत महत्वपूर्ण ख़बर जिसे इंडियन मीडिया ने मार डाला

अभी हफ्ते भर पहले की एक बहुत अहम ख़बर है, जिसे मीडिया ने रिपोर्ट तो किया, लेकिन रहस्यपूर्ण तरीक़े से अचानक रिपोर्टिंग रुक गई. चंडीगढ़ ट्रिब्यून, एनडीटीवी, इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स तथा दुनियाभर के अख़बारों ने 17 मई को एक बहुत ही महत्वपूर्ण ख़बर प्रकाशित की, लेकिन इंडियन पब्लिक, जिसे जानना बहुत ज़रूरी था, बिलकुल ही नहीं जान पाई. सोशल मीडिया से भी ये न्यूज़ ग़ायब रही, ये हैरान करने वाली बात है. खबर इस तरह है.

‘मेरियान डेनिका’ नाम का एक जहाज, चेन्नई पोर्ट से इजराइल के ‘हाइफ़ा पोर्ट’ के लिए रवाना हुआ. इंडिया से इजराइल जाने के लिए अरब सागर से लाल सागर होते हुए सीधा रास्ता है, लेकिन इस जहाज ने यह सीधा रास्ता ना लेकर, यूरोप का चक्कर लगाकर जाने वाला टेढ़ा रास्ता चुना. जैसे ही इस जहाज ने पिछले सप्ताह 17 मई को स्पेन के ‘पोर्ट बार्सिलोना’ पर लंगर डालना चाहा, तो वहां की पोर्ट अथॉरिटी ने माल चेक किया, तो पाया कि उसमें, 27 टन ख़तरनाक गोला बारूद, इंडिया से इजराइल जा रहा है.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

स्पेन ने कहा, इजराइल के पास पहले से ही बहुत ज्यादा घातक हथियार हैं. मिडिल ईस्ट में हथियारों की नहीं शांति की ज़रूरत है. हम आपके इस अपराध में भागीदार नहीं हो सकते. आपके लिए हमारा पोर्ट उपलब्ध नहीं है. रिपोर्ट्स से यह भी पता चलता है कि 16 मई से 21 मई तक यह जहाज स्पेन के बार्सिलोना पोर्ट पर ही रहा.

इंडिया से हथियार सीधे अरब सागर तथा लाल सागर से ना जाकर बहुत लम्बे, खर्चीले रास्ते से क्यों जा रहे थे ? इसका यह जवाब मिला है कि मोदी सरकार, यह काम चोरी-छिपे करना चाहती थी. सारी दुनिया के इंसाफ पसंद लोग, इजराइल और अमेरिका-ब्रिटेन द्वारा गाज़ा में पिछले 7 महीने से किए जा रहे नरसंहार और बर्बरता से भयंकर तपे हुए हैं. दूसरी ओर, अरब देशों में करोड़ों भारतीय काम करते हैं. अरबी शेखों से भी झप्पी डालनी है, ज़ायनवादी फ़ासिस्ट ख़ूनी भेड़िए, इजराइल की मदद भी करनी है !! सोचा होगा, मीडिया और पब्लिक तो चुनाव में लगी हुई है, किसी को मालूम नहीं पड़ेगा. मोदी सरकार की वही, आपदा में अवसर वाली क्रूर नीति !!

एक ओर डर भी कोई कम गंभीर नहीं है. यमन के लड़ाकू हौदी समूह ने इंसाफ की बाजू में खड़े होने, नरसंहार कर रहे इजराइल और उसके साथ इस भयंकर अपराध में लिप्तता रखने वालों के आर्थिक हितों पर चोट करने और अपने राष्ट्रीय सम्मान जंग लड़ रहे, फिलिस्तीन का साथ देने का एक अलग तरीका चुना है. वे, लाल सागर से गुजरने वाले जहाज़ों पर निशाना साधे बैठे हैं. इस समुद्री लड़ाई में वे इतने सक्षम हैं कि वहां से जहाज़ ले जाने की तो अमेरिका की भी औक़ात नहीं, इंडिया की क्या बिसात !!

इस सनसनीखेज रिपोर्ट का सबसे शानदार हिस्सा ये है कि ‘बार्सिलोना डॉक वर्कर्स यूनियन’ ने साफ़ कह दिया था कि कोई भी मज़दूर इन हथियारों को नहीं छुएगा. ये वही गोला-बारूद है, जिससे गाज़ा के मासूम बच्चे मारे जाएंगे. ख़ूनी इजराइल को, और ख़ूनी बनाने के लिए हम कोई हथियार नहीं ले जाने देंगे.

यूनियन ने, एक महत्वपूर्ण बयान भी ज़ारी किया कि दुनिया में कहीं भी जुर्म हो, मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा हो, तो उसे रोकना, ना होने देना, हर मज़दूर का फ़र्ज़ है. इजराइल तो फिलिस्तीनियों पर ज़ुल्म की इन्तेहा ही पार कर चुका है. हम, इन इंडियन हथियारों को इजराइल की ओर एक इंच भी आगे नहीं जाने देंगे.

इतना ही नहीं, यूनियन ने आगे कहा, हम दुनिया भर की सरकारों से गाज़ा में 7 महीने से ज़ारी नरसंहार को रोकने का आह्वान करते हैं. नरसंहार को रोकना मज़दूरों की ज़िम्मेदारी है, हम उनसे भी अपना फ़र्ज़ पूरा करने का आह्वान करते हैं. यूनियन द्वारा लिए सख्त फैसले ने मोदी सरकार की कलई खोल दी. स्पेन द्वारा, तुरंत फिलिस्तीन को मान्यता देना भी ‘बार्सिलोना डॉक वर्कर्स यूनियन’ और अनेक दूसरे मज़दूर संगठनों के गुस्से को ठंडा करने और उसे दुनियाभर में फैलने से रोकने की ही तो क़वायद है.

अभी इस घटना से चंद दिन पहले, ‘बेल्जियन ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन’ ने इजराइल को जा रही हथियारों की खेप को, जो बेल्जियम पोर्ट से गुजरने वाली थी, रोक दिया था. उनकी यूनियन का बयान तो और भी क़ाबिल-ए-गौर है, ‘जब गाज़ा में नरसंहार चल रहा है, उसी वक़्त हम देख रहे हैं कि इजराइल को और हथियार दिए जा रहे हैं. हम ऐसा नहीं होने देंगे.’

बेल्जियन ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने अपने बयान में आगे कहा कि ज़मीन पर, आकाश में अथवा समुद्र में, कहीं भी होने वाले सभी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की यूनियनों ने तय किया है कि हम इजराइल को जाने वाले हथियारों को ना सिर्फ़ ट्रकों, हवाई जहाज़ों और पानी के जहाज़ों में लोड नहीं करेंगे, बल्कि उन हथियारों को जाने से रोकेंगे. ऐसा ही फ़ैसला हमने, रूस-युक्रेन युद्ध में, रूस या उक्रेन, किसी भी देश को जाने वाले हथियारों को रोकने के लिए लिया था.

मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, रंधीर जायसवाल ने कहा कि इंडियन सरकार को ये जानकारी है कि स्पेन के बार्सिलोना पोर्ट के अधिकारियों ने, इंडियन माल से लदे जहाज को पोर्ट की सुविधाएं देने से मना कर दिया है. क्या माल था, सीधे रास्ते से ना जाकर लंबे, माल ले जाने के लिए टेढ़े, खर्चीले रास्ते को क्यों चुना गया ? क्या ये माल नहीं बल्कि हथियार थे जिन्हें चोरी-छिपे इजराइल भेजा जा रहा था ? मीडिया द्वारा सवालों की बौछार के बाद भी उन्होंने आगे कोई भी जानकारी देने से साफ़ इंकार कर दिया.

क्या मोदी सरकार की यह हिमाक़त शर्मनाक नहीं है ? क्या यूरोप के मज़दूर हमें आइना नहीं दिखा रहे ?

  • सत्यवीर सिंह

Read Also –

‘गायब होता देश’ और ‘एक्सटरमिनेट आल द ब्रूटस’
इजरायल द्वारा फिलिस्तीनी जनता पर किये जा रहे हमलों से उत्पन्न मानवीय त्रासदी
अमेरिका और इजराइल का हमसफ़र : विश्व नेता बनने की सनक में देश को शर्मसार न कर दें मोदी !
यूक्रेन और इजरायल कंगाली के चलते दुनिया के मानचित्र से आत्महत्या के मुहाने पर आ गए हैं
हमास ने ‘जेल तोड़ने का काम किया, जो मुक्ति का अनुभव देता है !’
गाज़ा नरसंहार के विरुद्ध अमेरिकी छात्रों का शानदार आंदोलन 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

मोदी ‘परमात्मा’ के एजेंट है, तो उसी का रहे, हमारा पीछा छोड़ें, हमें अपना प्रधानमंत्री चुनने दें

Next Post

हिजड़े

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

हिजड़े

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

एबीजी शिपयार्ड बैंकिंग फ्रॉड का मुख्य आरोपी ऋषि अग्रवाल कहां हैं ? उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा ?

February 14, 2022

EVM का खेल : तेरा पीएम नहीं हूं मैं…

December 17, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.