Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

यह जोगी नहीं यह सत्ता के नशे में मदहोश हत्यारों की सरकार है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
September 14, 2017
in ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

उत्तर प्रदेश में भाजपा ने ईवीएम पर भरोसा कर के एक तरफ जहां सत्ता हासिल कर ली वहीं राज्य की जनता को श्मशान और कब्रिस्तान देने का वादा भी किया था. अब भाजपा अपने वादों पर पूरी तौर पर खड़े उतरते हुए उत्तर प्रदेश की जनता को हर दिन थोक में श्मशान और कब्रिस्तान पहुंचा रही है. विगत दिनों आॅक्सीजन की सप्लाई बन्द करवाके 68 मासूमों को कब्रगाह या श्मसान पहुंचा चुकी है. पर यह सिलसिला आगे भी मजे से चला जा रहा है. कुछ दिन बाद ही फर्रुखवाद में 49 बच्चे, गोरखपुर में 357 बच्चों के मौत का तांडव केवल उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहा यह तमाम भाजपा शासित राज्यों में फैल गया. एक बार तो आॅक्सीजन की जगह जहरीली गैस की सप्लाई भाजपा नेता के आॅक्सीजन सप्लाई केन्द्र से ही कर दी गई. इन सबमें सबसे खास बात यह है कि किसी को भी दोषी नहीं पाया गया और दण्डात्मक कार्रवाई भी नहीं हुई. अगर की भी गई तो केवल हाथी के दांत की तरह, दिखावे के तौर पर.

इसी तरह उत्तर प्रदेश में भाजपा ने किसानों के कर्जों को सत्ता में आते ही पहली ही बैठक में माफ करने का भी वादा किया था. पर भारी नानुकुर और जद्दोजहद के बाद अब जाकर भाजपा ने किसानों के कर्जों को माफ करने की पहल की है. गौरतलब हो कि किसानों के कर्जों को माफ करने के लिए जो कदम उठाये गये हैं वह किसानों का भद्दा मजाक उड़ाने के लिए ही पर्याप्त है. एक ओर जहां भाजपा औद्यौगिक घरानों के लाखों करोड़ के कर्ज को पलक झपकते माफ कर देते हैं और फिर से नया कर्ज प्रदान कर देते हैं वहीं किसानों को कर्ज माफी के तौर पर दिया गया चेक किसानों का मजाक उड़ा रहा है.

You might also like

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

पहले तो जोगी सरकार किसानों का कर्जमाफी करना ही नहीं चाह रही थी, अब जब विभिन्न किन्तु-परन्तु से गुजरते हुए कर्ज माफी कर भी रही है तो सरकार किसानों को चेक की राशि दे रही है, उस चेक की लागत भी उस पर अंकित राशि से ज्यादा है. फसल ऋण माफी योजना के तहत बिजनौर में 8 सितम्बर को प्रभारी मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने वर्धमान डिग्री काॅलेज में किसानों के ऋण मोचन कार्यक्रम में बिजनौर के 22,156 किसानों को ऋण माफी के प्रमाण-पत्र दिये थे. इस योजना में जिले के कई किसानों को कर्ज माफी के नाम पर 9 पैसे और 84 पैसे तक कर्ज माफ किया गया है. इससे ज्यादा खर्च तो उक्त मंत्री द्वारा सभा आयोजित करने में ही खर्च कर दिया गया होगा और चेक लेने आये उक्त किसान का उस दिन कार्यक्रम में शामिल होने आने का खर्च भी उक्त चेक से कही ज्यादा हुआ होगा.

भाजपा नेताओं द्वारा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ नारे को कुछ इस कदर विकसित कर दिया है कि उसका आयाम बढ़कर कुछ इसतरह हो गया लगता है: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और भाजपा नेता के आगे परोस दो’. देश भर में भाजपा नेताओं के महिलाओं के साथ किये जा रहे दुराचार की खबरें प्रचारित हो रही है. उत्तर प्रदेश की जोगी सरकार भी इस मामले में कम नहीं है. बेहतर हो, योगी आदित्यनाथ जिन पर पहले से ही हत्या और बलात्कार जैसे संगीन की धाराओं के तहत् मुकदमे चल रहे हैं, के खिलाफ कार्रवाई किया जाये और प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था पर दुरूस्त करने की कार्रवाई किया जाये ताकि बुरी तरह बेनकाब हो चुकी इस व्यवस्था पर सुधार की पैबंद लगाई जाय जब तक की नया विकल्प मजबूती से सामने नहीं आ जाता.

Previous Post

प्रधानमंत्री मोदी का ‘‘हार्डवर्क’’

Next Post

दिल्ली के दोनों छात्र संघ चुनाव का आदेश पतनशील भाजपा और उसकी संदिग्ध ईवीएम के खिलाफ है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
ब्लॉग

आख़िर स्तालिन के अपराध क्या था ?

by ROHIT SHARMA
November 6, 2025
Next Post

दिल्ली के दोनों छात्र संघ चुनाव का आदेश पतनशील भाजपा और उसकी संदिग्ध ईवीएम के खिलाफ है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

लेव तोलस्तोय : रूसी क्रांति के दर्पण के रूप में – व्ला. इ. लेनिन

July 27, 2023

केवल साल ही तो बदला है

January 1, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.