
दिल्ली एमसीडी के चुनाव में आम आदमी पार्टी को अपेक्षा से कम सीटें मिलने के कारण अरविन्द केजरीवाल पर निशाना साधते हुए अन्ना हजारे ने कहा है कि ‘‘पार्टी की कथनी और करनी में फर्क होने के कारण हार हुई है. सादगी का वादा करके गाड़ी और बंगले ले लिये.’’ अन्ना के इस बयान की सोशल मीडिया पर जम कर खिल्ली उड़ी और लोगों ने अपने-अपने तरीके से अन्ना हजारे के राय पर अपनी राय कायम की.
सोशल नेटवर्किंग साईट ‘‘ट्विटर’’ पर अन्ना के इस बयानबाजी पर जम कर बरसते हुए आर.एस. शाह ने कहा, ‘‘शर्म करो अन्नाजी. आप कौन से कथनी के पक्के हो ? तीन साल में एक बार भी नहीं आये जंतर-मंतर. कहां गया सिटीजन चार्ट और जनलोकपाल ?’’ संजीव चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा, ’’ये बुडढ़ा पागल हो गया. … बीजेपी का एजेंट है. आज तक इसको बीजेपी में एक भी कमी नहीं दिखी. सारी कमी अरविन्द केजरीवाल में ही है. आखिर नमक खाया है बीजेपी का.’’ वहीं बालमुकुन्द तिवारी ने अन्ना और केजरीवाल दोनों पर ही तंज कसते हुए कहा है कि ’’अन्ना के द्वारा अभी भी सिर्फ तंज ही कसा जा रहा है जबकि समय अब खुलकर विरोध करने का है. मगर हिम्मत नहीं है क्योंकि एक ही थाली के बैगन है.’’ जबकि मनोज शर्मा ने दूसरे तरीके से टिपण्णी की है. उनके अनुसार, ’’शक्ल और अक्ल अगर दोनों ही गंदी हो तो क्या बातें तो कम से कम अच्छी करें बीजेपी के बन्ना अन्ना.’’
आम आदमी के साथ गद्दारी करते अन्ना हजारे
अशोक कुमार गुप्ता ने कहा, ’’बाबा जी आपने भी लोकपाल का वादा करके जोकपाल थमा दिया.’’ वही सेना में भ्रष्टाचार को उजागर करने पर तेज बहादुर यादव को बर्खास्त किये जाने की याद दिलाते हुए राजेश कुमार ने तंज कसते हुए कहा है कि ’’जवान होते हुए भी जवानों की कभी बात नहीं करते.’’ जबकि ईमरान डोलानी ने तमिल के किसानों का हवाला देते हुए कहा, ’’ये अन्ना अब कहां से जागा. दिल्ली में तमिल किसान की कुछ मदद कर देता तो अच्छा होता.’’ जावेद अहमद के अनुसार, ’’चुप करो … सबको मालूम है कि कैसे सांठ-गांठ बना रखी है बीजेपी के साथ.’’ वहीं परमात्मा ने अन्ना हजारे की ओर ईशारा करते हुए कहा, ’’तुमने भी तो नई इनोवा ले ली थी कमर दर्द का बहाना बनाकर. तुम दोनों चोर हो.’’ अशोक उपाध्याय ने अन्ना पर करारा हमला बोलते हुए कहते हैं, ’’आरएसएस का दलाल है अन्ना. पूरा देश समझ गया है. अन्ना को माल मिल गया. जनलोकपाल का मुद्दा ही गायब हो गया.’’ अपने दूसरे ट्विट में अशोक उपाध्याय सवाल पूछते हुए कहते हैं, ’’एमसीडी में बीजेपी ने किया ईवीएम घोटाला, अन्ना खुश. ये रिश्ता क्या कहलाता है ?’’ वहीं राजू सिंह के अनुसार, ’’किसान जंतर मंतर पर है धरना देकर बैठे हैं तब यह बाहर नहीं आया अभी कैसे बाहर आ गया ?’’ वहीं अपने दूसरे ट्विट में अन्ना हजारे पर तंज कसते हुए कहते हैं ‘‘… आया सांप बिल से’’. मुरारी टोडाभीम के अनुसार, ’’किस बिल में घुसा था जंतर मंतर पर किसान नजर नहीं आये.’’ जनसाहु के अनुसार, ’’अन्ना हजारे को केजरीवाल से ही खुन्नस क्यों है ? आखिर गाड़ी बंगला तो उनके शिष्य वी. के. सिंह और किरन बेदी ने भी लिये हैं. उन पर कभी टिप्पणी नहीं की ?’’
इस प्रकार नेटवर्किंग साईट ट्विटर पर अपनी भड़ास निकालते हुए लोगों ने और क्या क्या कहा ? आप भी देखिये इन ट्विट्स को –

शत् प्रतिशत सच
अन्ना आंदोलन १२–१३ उन खरबपतियों का आंदोलन था जो टूजी मामले में लाभ प्राप्त किए हुए थे । भ्रष्टाचार कार्पोरेट का आंदोलन होता है ।
अन्ना भारत का दुश्मन है। भारतीय समाज का शत्रु है।
Anna hazare Ek RSS ka Agent hai usko rss aur bjp se hi sirf matlab hai . Congress ke zamane me India me democracy khatre me thi aj Sab theek ho gaee. Kala dhan aa Gaya aur gau rakxha bhi ho rahi hai. Insaniyat se es kameene ko koe lena dena nahi hai
बिल्कुल सही कह रहे हैं.
Arvind kejriwal ki samajh baccho jaisi Hai…Akal ki thori kami Hai…Sarkaar kaise chalate hai.. wo in se pare Hai…Inhe sirf andolan krne aata Hai..
अरविन्द केजरीवाल भारतीय राजनीति का वह चमकता सितारा है, जिसे खत्म करने के लिए तमाम अंधेरी ताकते अपनी पूरी ताकत लगा दी है. इसके साथ ही मीडिया जो इनके चापलूस बन चुकी है, के द्वारा केजरीवालके खिलाफ दुष्प्रचार चला रही है. लोगों को इसे समझना होगा, वरना बहुत देर हो जायेगी.
एक मात्र अरविन्द केजरीवाल ही भारतीय समाज और संस्कृति को एक-सूत्र में बांध सकते हैं.
Anna RSS ka Agent hai jo kewal kejriwal ko damage karne ke liye laga rahata hai