Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

वर्षा डोंगरे लाखों दलित महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 26, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

वर्षा डोंगरे लाखों दलित महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है

वर्षा डोंगरे

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

वर्षा डोंगरे एक जेल अधिकारी हैं. छत्तीसगढ़ में जब भाजपा की सरकार थी तब एक बार मैंने फेसबुक पर पुलिस थाने में आदिवासी महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के बारे में लिखा था.

मैंने लिखा था कि मुझे सोनी सोरी ने बताया कि वह ऐसी महिलाओं से मिली जिनके साथ पुलिस वालों द्वारा भयानक शारीरिक दमन किया गया है. एक महिला के तो निप्पल काट दिए गये थे. पुलिस थानों में महिलाओं को बिजली के झटके दिए जाते हैं जिसके जलने के निशान उनके शरीरों पर पड़ जाते हैं

मेरी इस सोशल मीडिया के पोस्ट पर डिप्टी जेलर वर्षा डोंगरे ने कमेन्ट किया और लिखा कि यह बात बिलकुल सच है और उन्होंने जगदलपुर जेल में खुद ऐसी लड़कियों को देखा था, जिनके शरीर पर जलाए जाने के निशान थे.

इसके बाद पूरी भाजपा सरकार में हडबडी मच गई थी. डिप्टी जेलर वर्षा डोंगरे को भाजपा सरकार ने निलम्बित कर दिया. भाजपा सरकार अगला चुनाव हार गई

कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई. वर्षा डोंगरे को बहाल किया गया. वर्षा डोंगरे को कोरबा जेल में जाकर काम करने के लिए कहा गया.

वर्षा डोंगरे ने बताया कि उनकी कुछ महीने की बेटी है और उनके पति की नौकरी दुर्ग में हैं इसलिए उन्हें दुर्ग जेल में नियुक्त कर दिया जाय. इस बात को लेकर वह गृह मंत्री से मिली. बाद में उन्होंने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया.

अदालत ने सरकार से पूछा कि ‘इन्हें दुर्ग जेल में अटैच करने में आपको क्या परेशानी है ?’ सरकार ने उस बात का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है. पिछले दस महीने से वर्षा डोंगरे को वेतन नहीं मिल रहा है.

वर्षा डोंगरे असल में जेल के भीतर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ पहले से ही लडती रही हैं. रायपुर जेल में जेल अधीक्षक की जानकारी में जेल की महिला डाक्टर द्वारा महिला जेल में आदिवासी दलित और उनके हिमायती कैदियों को एक्सपायरी दवाई खिलाती है ताकि यह मर जाएंं.

इस बात की शिकायत सोनी सोरी ने भी सर्वोच्च न्यायालय में की थी..वर्षा डोंगरे ने रायपुर जेलमें आपनी ड्यूटी के दौरान इस बात के सबूत जमा कर लिए थे इसलिए उन्हें सजा के तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है.

वर्षा डोंगरे पुरानी योद्धा हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर एक मुकदमा किया था, जिसमें वर्षा डोंगरे जीत गई थी. अदालत ने मुकदमा खर्च के तौर पर राज्य शासन से कहा कि वह वर्षा डोंगरे को पांच लाख रूपये का मुआवजा दे. लेकिन आज तक वर्षा डोंगरे को एक भी पैसा नहीं मिला.

वर्षा दलित महिला हैं इसलिए उनका संघर्ष लाखों दलित महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है. बाबा साहब को दलित समाज से सरकारी नौकरी में जाने वालों से शिकायत थी कि वे अपने समाज को भूल जाते हैं. लेकिन वर्षा डोंगरे ने बाबा साहब की आशाओं को जिन्दा किया है.

उन्होंने आदिवासी महिलाओं के दमन के खिलाफ अपनी नौकरी को खतरे में डाल कर जो साहस दिखाया है, उसके लिए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए लेकिन अभी तो वह सजा भुगत रही हैं.

  • हिमांशु कुमार

Read Also –

वर्षा डोंगरे के खिलाफ शासकीय कार्यवाही का विरोध करो!
महिलाओं के खिलाफ हिंसा में पुलिसकर्मियों की भूमिका और आम जनों का प्रतिशोध 

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

यहां क्रांति की तैयारी चल रही है

Next Post

सरकार देखो, तेल की धार देखो

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

सरकार देखो, तेल की धार देखो

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

भारत में मीडिया की सिमटती आजादी

February 20, 2018

धोखा है ईएमआई पर सरकार की घोषणा

May 30, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.