Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

वर्षा डोंगरे लाखों दलित महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 26, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

वर्षा डोंगरे लाखों दलित महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है

वर्षा डोंगरे

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

वर्षा डोंगरे एक जेल अधिकारी हैं. छत्तीसगढ़ में जब भाजपा की सरकार थी तब एक बार मैंने फेसबुक पर पुलिस थाने में आदिवासी महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के बारे में लिखा था.

मैंने लिखा था कि मुझे सोनी सोरी ने बताया कि वह ऐसी महिलाओं से मिली जिनके साथ पुलिस वालों द्वारा भयानक शारीरिक दमन किया गया है. एक महिला के तो निप्पल काट दिए गये थे. पुलिस थानों में महिलाओं को बिजली के झटके दिए जाते हैं जिसके जलने के निशान उनके शरीरों पर पड़ जाते हैं

मेरी इस सोशल मीडिया के पोस्ट पर डिप्टी जेलर वर्षा डोंगरे ने कमेन्ट किया और लिखा कि यह बात बिलकुल सच है और उन्होंने जगदलपुर जेल में खुद ऐसी लड़कियों को देखा था, जिनके शरीर पर जलाए जाने के निशान थे.

इसके बाद पूरी भाजपा सरकार में हडबडी मच गई थी. डिप्टी जेलर वर्षा डोंगरे को भाजपा सरकार ने निलम्बित कर दिया. भाजपा सरकार अगला चुनाव हार गई

कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई. वर्षा डोंगरे को बहाल किया गया. वर्षा डोंगरे को कोरबा जेल में जाकर काम करने के लिए कहा गया.

वर्षा डोंगरे ने बताया कि उनकी कुछ महीने की बेटी है और उनके पति की नौकरी दुर्ग में हैं इसलिए उन्हें दुर्ग जेल में नियुक्त कर दिया जाय. इस बात को लेकर वह गृह मंत्री से मिली. बाद में उन्होंने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया.

अदालत ने सरकार से पूछा कि ‘इन्हें दुर्ग जेल में अटैच करने में आपको क्या परेशानी है ?’ सरकार ने उस बात का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है. पिछले दस महीने से वर्षा डोंगरे को वेतन नहीं मिल रहा है.

वर्षा डोंगरे असल में जेल के भीतर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ पहले से ही लडती रही हैं. रायपुर जेल में जेल अधीक्षक की जानकारी में जेल की महिला डाक्टर द्वारा महिला जेल में आदिवासी दलित और उनके हिमायती कैदियों को एक्सपायरी दवाई खिलाती है ताकि यह मर जाएंं.

इस बात की शिकायत सोनी सोरी ने भी सर्वोच्च न्यायालय में की थी..वर्षा डोंगरे ने रायपुर जेलमें आपनी ड्यूटी के दौरान इस बात के सबूत जमा कर लिए थे इसलिए उन्हें सजा के तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है.

वर्षा डोंगरे पुरानी योद्धा हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर एक मुकदमा किया था, जिसमें वर्षा डोंगरे जीत गई थी. अदालत ने मुकदमा खर्च के तौर पर राज्य शासन से कहा कि वह वर्षा डोंगरे को पांच लाख रूपये का मुआवजा दे. लेकिन आज तक वर्षा डोंगरे को एक भी पैसा नहीं मिला.

वर्षा दलित महिला हैं इसलिए उनका संघर्ष लाखों दलित महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है. बाबा साहब को दलित समाज से सरकारी नौकरी में जाने वालों से शिकायत थी कि वे अपने समाज को भूल जाते हैं. लेकिन वर्षा डोंगरे ने बाबा साहब की आशाओं को जिन्दा किया है.

उन्होंने आदिवासी महिलाओं के दमन के खिलाफ अपनी नौकरी को खतरे में डाल कर जो साहस दिखाया है, उसके लिए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए लेकिन अभी तो वह सजा भुगत रही हैं.

  • हिमांशु कुमार

Read Also –

वर्षा डोंगरे के खिलाफ शासकीय कार्यवाही का विरोध करो!
महिलाओं के खिलाफ हिंसा में पुलिसकर्मियों की भूमिका और आम जनों का प्रतिशोध 

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

यहां क्रांति की तैयारी चल रही है

Next Post

सरकार देखो, तेल की धार देखो

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

सरकार देखो, तेल की धार देखो

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

तेजस्वी यादव : विवश और असमर्थ नेता नायकत्व प्राप्त नहीं करते

August 18, 2023

रात के मरे हुए काले कुत्ते…

July 16, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.