Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

आज देश यही समझने में लगा है कि देश की सरकार सच बोल रही है या झूठ ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 25, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

आज देश यही समझने में लगा है कि देश की सरकार सच बोल रही है या झूठ ?

अब CAA और NRC के बाद एनपीआर (NPR) भी आ गया है, और इसके लिए हजारों करोड़ का बजट भी कैबिनेट ने पारित कर दिया है (यानि हम अपने ही टैक्स के पैसों से अपने लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी चीजों के बजाय सरकार को अब लुटाने के लिए बैंकों के कर्जमाफी, NPA को वाइप आउट करने और नीरव, माल्या जैसे मित्रों के कर्ज को मिटा देने के पहले शासन काल के बाद अब खुद अपने आप को नागरिक साबित करने पर खर्च करने की अनुमति दे चुके हैं ?).

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

अमित शाह कुछ समय तक टीवी इंटरव्यू में, बंगाल के भाषणों में बड़े प्रेम से समझाते थे, क्रोनोलोजी को समझिये :

1. पहले NRC आएगा
2. फिर CAA

लेकिन अब वास्तव में इसे उल्टा कर दिया गया है. सरकार अपने इरादे साफ़ लागू करने में लगी है. अब पहले एनपीआर होगा, जिसे अगले साल पूरा कर लिया जाएगा. फिर उसमें से जो संदेहास्पद लगेगा उसे NRC में डाला जाएगा और फिर उसमें से जो हिन्दू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी होंगे, उन्हें CAA कानून के जरिये अंततः भारतीय नागरिक बना लिया जायेगा.

अब देश के 72 साल आजाद देश के नागरिकों ! मेरा सवाल आपसे सिर्फ ये है :

आपने क्या अपने लिए, अपने वोट के जरिये, अपने टैक्स का सदुपयोग क्या इसी काम के लिए इन्हें चुना था ?

1. आपके पास रोजगार चंगा है ?

2. आपके GST जिसे आप नमक से लेकर कफन तक में दे रहे हैं, उससे आपके बच्चे को प्राइमरी से लेकर JNU तक में शिक्षा मुफ्त या सस्ते दर पर मिल रही है ?

3. आपको क्या मुफ्त (आपके ही टैक्स के पैसे से) स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है ?

4. आपके हर खरीद पर जो 70,000 करोड़ रूपये का शिक्षा सेस से सरकार ने आपके बच्चों के लिए शिक्षा के नए केंद्र खोल दिए ? या उजाड़ दिए, और अब हर जगह शिक्षा दुगुनी, तिगुनी, और कहैं कि दस गुना कर दी गई है ?

5. आपके बुढापे के लिए पेंशन की व्यवस्था कर दी गई है, या जिन्हें वह सुविधा मिल भी रही थी, उसे खत्म कर दिया गया है ?

अगर इतनी चीजें भी नहीं मिली हैं, तो क्या यह सरकार क्या इसी तर्क पर मनमानी करते रह सकती थी, कि उसके चुनावी अजेंडे में ये सब लिखा था और वह कृत संकल्प है इसे लागू करने में ? तो मेरा सवाल है कि इससे पहले तो उसने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वायदा भी किया था. हर किसान को उसकी उपज का 50% मुनाफा देने का वायदा भी किया था. विदेशों से काले धन को जब्त कर देश में लाने (एक भाषण में तो हर भारतीय को 10-15 लाख ) का वादा भी किया था.

इनमें से एक भी वायदे का 1% भी पूरा नहीं हुआ है तो सरकार मेरे टैक्स के पैसे से यह घोषणा ही कैसे कर रही है ? उसे उल्टा अपनी गलती के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए, और देश की गाढ़ी होती माली हालत पर सोचना चाहिए. क्या यही चन्गा है ? जिसे अमेरिका में भारत से भगोड़े भारतीयों को, जो हमारे देश की मुश्किलों को देखकर यहांं से अपना माल मत्ता समेटकर अमेरिका में मजे की जिन्दगी और उस देश को समृद्ध करने में जुटे पड़े हैं ?

  • रविन्द्र पटवाल, सामाजिक कार्यकर्त्ता

Read Also –

मनुस्मृति लागू करने की दिशा में पहला कदम है CAA-NRC
दिसम्बरी उभार के मायने…
आखिर क्यों और किसे आ पड़ी जरूरत NRC- CAA की ?
प्रधानमंत्री मोदी के नाम एक आम नागरिक का पत्र
हिटलर की जर्मनी और नागरिकता संशोधन बिल
‘एनआरसी हमारी बहुत बड़ी गलती है’

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

डिटेंशन कैम्प बनाम हिटलर का गैस चैंबर

Next Post

बेशर्म मोदी-शाह : NPR, NRC की पहली सीढ़ी है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

बेशर्म मोदी-शाह : NPR, NRC की पहली सीढ़ी है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

बांग्लादेश, भारत और नेपाल के क्रांतिकारी आंदोलन के साथ क्रांतिकारी एकजुटता जाहिर करते ऑस्ट्रेलिया से अहमर रफीक का पत्र

November 25, 2025

‘ये क्या जगह है दोस्तों’ : एक युद्धरत संस्कृतिकर्मी की पुकार…

March 12, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.