Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

राष्ट्रवाद का बुखार और पड़ोसी मुल्कों से नफरत ने देश को बर्बाद कर दिया

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 4, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
1
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

राष्ट्रवाद का बुखार और पड़ोसी मुल्कों से नफरत ने देश को बर्बाद कर दिया

हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ताहिमांशु कुमार, गांधीवादी कार्यकर्ता

एक बार मैं सोनी सोरी वाले मामले की सुनवाई के लिये सुप्रीम कोर्ट में गया हुआ था. मैं कोर्ट के बाहर धास पर बैठ कर अपने केस के नम्बर का इन्तज़ार कर रहा था, तभी एक बुजुर्ग मेरे पास आये. उन्होंने मुझ से पूछा कि क्या मैं उनकी एक मदद कर सकता हूंं ?

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

मैने कहा – बताइये क्या बात है ?

उन्होंने मुझे अपनी फाइल दिखाई. उन्होंने बताया कि वह भारत सरकार के लिये काम करते थे. उन्हें जासूसी के लिये पाकिस्तान भेजा गया था. उन्हें पाकिस्तान में पकड़ लिया गया. वह पाकिस्तानी जेलों में बारह साल रहे. सरकार ने उनके साथ अपना कोई भी सबंध होने से इंकार कर दिया, भारतीय और पाकिस्तानी कैदियों की अदला- बदली मे उन्हें भी रिहा कर दिया गया था. तब से वह एक से दूसरे दफ्तर अपने बकाया पैसे के लिये भटक रहे हैं.

मैने उन बुजुर्ग को अपना और अपने कुछ वकील मित्रों के फोन नम्बर दे दिये, मैं नहीं जानता उसके बाद उनका क्या हुआ ? इसी तरह कुछ वर्ष पहले पाकिस्तान में काम कर चुके एक भारतीय जासूस मोहन लाल की मैंने एक आत्मकथा पढ़ी थी. उसका नाम था ‘मैं पाकिस्तान में भारत का जासूस था.’

उस किताब में बताया गया है कि कैसे भारत सरकार भारतीय युवकों को भर्ती करती है और उन्हें सीमा पार करा देती है. उस किताब में बताया गया है कि किस तरह हिन्दु होने के बावजूद उसका खतना किया गया ताकि पाकिस्तान में पकड़े जाने पर यह ना पता चल सके कि वह हिन्दु है.

उस जासूस ने अपनी किताब मे यह भी लिखा है कि उसे पाकिस्तान मे पकड़ लिया गया और जेल में डाल दिया गया था. उसके बाद भारत सरकार ने जासूस मोहनलाल से अपना संबध होने से इंकार कर दिया था.

जो अन्तर्राष्ट्रीय कूटनीति के बारे मे जानते हैं, वो जानते हैं कि दूसरे देशों में अपने जासूस भेजने का काम अधिकांश देश करते हैं, जैसे भारत में आकर कसाब आतंकवादी हरकत करता है और फांसी पाता है, ठीक वैसे ही पाकिस्तान में सरबजीत को बम विस्फोट करने और 14 पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या के आरोप मे फांसी दी जाती है. जैसे आपकी बंबईय्या फिल्मों में आतंकवादी पाकिस्तानी होते हैं, वैसे ही पाकिस्तान में बनी फिल्मों में आतंकवादी हिन्दु नाम वाले भारत के होते हैं.

आपको अपना देश महान लगता है, तो उन्हें अपना देश महान लगता है. आपको अपनी सेना वीर लगती है, तो उन्हें अपनी सेना वीर लगती है. आपको अपना धर्म सबसे महान लगता है, उन्हें अपना धर्म महान लगता है.

भारत के अखबारों में खबर पढ़ रहा हूंं कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान मे घुस कर पचास आतंकवादियों को मार डाला है. हालांंकि मुझे लगता है यह खबर मोदी भक्तों द्वारा फैलाई गई झूठी खबर हो सकती है, लेकिन अगर ऐसा किया गया हो, तो पाकिस्तान की जनता को क्या खबर मिलेगी ?

पाकिस्तान के अखबार छापेंगे कि भारतीय आर्मी ने एक बर्बर हमले मे 50 बेकसूर नागरिकों की हत्या कर दी. 5O लोगों की हत्या कर के भारत की कौन-सी समस्या का हल हो जायेगा ? क्या पाकिस्तान डर जायेगा और आगे से हमला नहीं करेगा ? क्या इससे पाकिस्तान बेइज्ज़ती महसूस करेगा ? क्या आतंकवाद कम हो जायेगा ? क्या भारतीय सैनिक ज़्यादा सुरक्षित हो जायेंगे ?

आप मान क्यों नहीं लेते कि दोनों देशों की जनता एक जैसी है. आप मान क्यों नहीं लेते कि दोनों देशों की सरकारें भी एक जैसी हैं. आप मान क्यों नहीं लेते कि आपका और उनका मज़हब एक जैसा है और दोनों में से कोई भी ज्यादा महान नहीं है.

विश्वास कीजिये युद्ध एक बिजनेस है. विश्वास कीजिये आपकी समस्या पड़ोसी देश नहीं है. आपकी समस्या बेरोज़गारी, जातिवाद, आदिवासियों पर हमले और आर्थिक गैर बराबरी है.

राष्ट्रवाद के बुखार और पड़ोसी मुल्क से नफरत के जुकाम ने आपकी हालत खराब कर दी है. होश में आइये. समझदार इंसान बन जाइये.

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

एयर इंडिया वन : इस दौर की सबसे अश्लील तस्वीर

Next Post

जिंदगी की सार्थकता हमारे छोटे-छोटे चुनावों में निहित है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

जिंदगी की सार्थकता हमारे छोटे-छोटे चुनावों में निहित है

Comments 1

  1. Pramila says:
    6 years ago

    मैंंने ये लेख पढ़ा, पढ़कर इससे जानकारी मिली कि भारत और पाकिस्तान की सरकार इस तरह अपने युवाओं को एक दूसरे मुल्क में भेज कर हत्या करवाती है और उसे अपने हाल पर तिल तिल कर मारने के लिए छोड़ देती है. इस तरह की हरकतों को अविलम्ब बंद करना चाहिए.

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

भारत सरकार आदिवासियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का उपयोग कर रही है ?

April 2, 2019

लुटेरे हैं … तो युद्ध है !

July 19, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.