Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

डीएचएफएल : नीलामी में कानूनी लड़ाई, पर कंपनी का नुकसान तय

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 18, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

डीएचएफएल : नीलामी में कानूनी लड़ाई, पर कंपनी का नुकसान तय

गिरीश मालवीय

दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) को खरीदने के लिए अडानी ग्रुप इतना व्यग्र है कि उसने संशोधित बोली जमा करने की समय सीमा 9 नवंबर को खत्म हो जाने के बाद शनिवार को डीएचएफएल के लिए पहले से ऊंची बोली लगा दी है.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

डीएचएफएल को खरीदने के लिए ओकट्री, अडानी एंटरप्राइजेज, पीरामल इंडस्ट्रीज और एससी लोवी ने बोली लगाई थी. इसमे ओकट्री ने सबसे ज्यादा 31,000 करोड़ रुपये की संशोधित पेशकश दी थी. लेकिन अब अडानी ने अचानक पूरी कंपनी के लिए ओकट्री की बोली से 250 करोड़ रुपए ज्यादा ऊंची बोली लगाने का फैसला किया.

इस बात से पीरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड और ओकट्री नाराज हो गए हैं. पीरामल ने एसबीआई को लिखा है कि ‘यदि अडानी की बोली स्वीकार की जाती है, तो वह कानूनी कदम उठाएगी.’ पीरामल का तो यहां तक कहना है कि ‘उसके द्वारा जमा किए गए प्लान को लीक कर दिया गया है.’

पीरामल ने कहा है कि कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) यदि अडानी की बोली को स्वीकार करता है, तो वह और अन्य सभी बोलीदाता नीलामी की दौर से बाहर हो जाएंगे. अडानी की नई बोली इंसॉल्वेंसी कानून के प्रावधानों के मुताबिक नहीं है. उसने कहा कि अडानी ने नई बोली के लिए जो समय चुना है, उससे इस रिक्वेस्ट फॉर रिजॉल्यूशन प्लान की सारी कवायद खराब हो जाएगी और रिजॉल्यूशन प्लान पेश करने के लिए हमारी व अन्य कंपनियों द्वारा की गई सारी मेहनत बेकार हो जाएगी.

अब कहा जा रहा है कि कानूनी लड़ाई और नीलामी में देरी से बचने के लिए कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) अंतिम बोली लगाने की प्रक्रिया फिर से शुरू करेंगे. इससे कोई भी बोलीदाता प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे और डीएचएफएल को खरीदने के लिए वे नई या संशोधित बोली जमा कर सकेंगे.
वैसे चाहे ओकेट्री की बोली चुनी जाए या अडानी की, कंपनी को करीब 60% का नुकसान होना तय है. डीएचएफएल पर 95 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृत देनदारी है. बैंकों को लगभग 65,000 करोड़ रुपये की कर्ज राइट-ऑफ करना होगा. यह किसी एक कम्पनी का अब तक का सबसे बड़ा राइट ऑफ होगा.

वहीं दूसरी ओर, न खाऊंगा न खाने दूंगा की बात करने वालो ने ICICI Bank की पूर्व सीईओ चंदा कोचर को क्लीन चिट दे दी है. वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत कह रहे हैं कि ‘प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) से जुड़ी अथॉरिटी ने चंदा कोचर की प्रॉपर्टी जब्त करने का आदेश खारिज कर दिया और उन्हें क्लीन चिट दे दी.

इसके साथ ही ईडी अब चंदा कोचर की प्रॉपर्टी जब्त नहीं करेगी. इससे इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी एक्ट (आईबीए) के सेक्शन 12A के तहत वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज का डेट रिस्ट्रक्चरिंग के लिए अब आवेदन कर सकती है. अगर यह सच है तो साफ दिख रहा है कि मोदी सरकार ICICI Bank की पूर्व सीईओ चंदा कोचर को बचा रही है.

Read Also –

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

सुप्रीम कोर्ट को बंद कर देना चाहिए ?

Next Post

खुदाई में बुद्ध के ही अवशेष क्यों मिलते हैं ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

खुदाई में बुद्ध के ही अवशेष क्यों मिलते हैं ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

नेहरु के बनाये कश्मीर को भाजपा ने आग के हवाले कर दिया

August 13, 2019

हे राष्ट्र ! उठो, अब तुम इन संस्थाओं को संबोधित करो

March 30, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

March 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

March 7, 2026

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.