Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

वैक्सीन के नाम पर गिनीपिग बनने को तैयार रहिये

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 9, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

वैक्सीन के नाम पर गिनीपिग बनने को तैयार रहिये

पं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ

मेरे प्यारे भारतवासियों, वैक्सीन के नाम पर गिनीपिग बनने को तैयार रहिये क्योंकि सीरम में मोदीजी के जाने के बाद उठे कई सवालो के जवाब में सीरम ने कहा था कि ‘वैक्सीन लेने के बाद भी अभी कम से कम दो साल तक अभी और मास्क, दस्ताने, शील्ड, किट, सैनिटाइजर और हैंड वाश इत्यादि सभी कार्य करने जरूरी होंगे.’

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

इससे स्पष्ट ज्ञात होता है कि वैक्सीन की आड़ में क्रेडिट लेने की होड़ मची है और वैक्सीन का नेशनल कम्युनिटी ट्रायल आप सब को गिनीपिग बनाकर किया जायेगा. इसके साथ ही अगले लोकसभा तक सभी शांत होकर बैठे रहेंगे और बेरोजगारी का रोना भी नहीं रोयेंगे (बेरोजगारी बेचारे कोरोना के मत्थे मढ़ी जायेगी). और अगले लोकसभा में फिर से नौकरियों का झांसा देकर वोट बैंक भुनाया जायेगा. (महामारी के मौके को लम्बा खेल के चौके में भुनाया जा रहा है).

वैक्सीन की ट्रायल में कई साइड इफेक्ट उभरे हैं और शायद सीरम इसे मान भी लेता लेकिन मोदीजी सीरम जाने का मतलब ही साइलेंट चेतावनी थी कि जैसा चल रहा है, चलने दो वर्ना न सिर्फ नौकरी जायेगी बल्कि जीवन भी बर्बाद कर दूंगा. (अब बेचारे दो कोड़ी के किसी वैज्ञानिक या डॉक्टर की हिम्मत कहां जो मोदीजी की अवहेलना करे). क्योंकि भारत की जनता तो मोदीजी की नजर में वैसे भी गिनीपिग है, सो कुछ हजार या कई लाख लोग मर भी जायेंगे तो क्या फर्क पड़ने वाला है ! वैसे सबसे बड़ा सवाल ये भी है कि अगर वैक्सीन सफल और सुरक्षित है तो अचानक इसका तीसरी स्टेज ट्रायल को लास्ट में (अक्टूबर में) रोका क्यों गया ?

याद रखियेगा कि सीरम ने 1600 प्रतिभागियों पर तीसरे चरण का ट्रायल किया था मगर चौथे और पांचवेंं चरण का ट्रायल कहीं पर भी नहीं हुआ. और अब आपको गिनीपिग की तरह इस्तेमाल कर इसका चौथे चरण का ट्रायल किया जायेगा. इसके लिये 4 करोड़ खुराक का निर्माण भी हो चुका है.

जनवरी से पांचवें चरण का ट्रायल शुरू करने के लिये इसका प्रोडक्शन बढ़ा दिया जायेगा ताकि जरूरत के मुताबिक जून तक 50-60 करोड़ खुराक तैयार रहे मगर इसे ट्रायल के रूप में नहीं दिखाया जायेगा बल्कि वैक्सीन लॉन्चिंग के रूप में दिखाया जायेगा क्योंकि मोदीजी अच्छे से जानते है कि भारत की जनता भेड़चाल मानसिकता की है.

दूरगामी परिणामो पर विचार करने वाले कम होंगे जिसे आईटी सेल से उलझा दिया जायेगा और ज्यादातर लोग भेड़चाल की तरह वैक्सीन लगवाने को आतुर रहेंगे. (बाद में दो साल बाद पता चलेगा कि वैक्सीन फेल हो गयी है और प्रभाव नहीं दिखा पा रही है लेकिन तब तक लोकसभा चुनाव हो जायेगा और हो सकता है कि वैक्सीन एक बड़ा मुद्दा बने लोकसभा चुनाव में).

वैक्सीन के साईड इफेक्ट्स

  • याददाश्त कमजोर होना
  • न्यूरोलॉजिकल समस्याये
  • साइकोलॉजिकल समस्याये
  • विटामिन डी की कमी
  • विटामिन B12 की कमी
  • बोलने की और सुनने की क्षमता प्रभावित
  • लगातार सिरदर्द
  • चिड़चिड़ापन
  • लोगो को पहचानने की क्षमता पर असर

इसके अलावा अन्य और भी कई तरह के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं. ये तो सिर्फ वो है जो अक्टूबर में पूर्ण हुए तीसरे चरण के ट्रायल में 1600 प्रतिभागियों ने भुगते हैं. सो वैक्सीन लगवाने को आतुर लोग सिर्फ अपनी जिम्मेदारी पर ही लगवाये, सरकार के भरोसे नहीं.

Read Also –

 

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

सूत्र

Next Post

विपक्ष की भूमिका में जनता

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

विपक्ष की भूमिका में जनता

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

हिटाची के संघर्षरत मज़दूरों के समर्थन में ज़ोरदार प्रदर्शन

July 18, 2023

क्रूर संघवाद का प्रदर्शन : एक देश और हर चीज एक जैसी

September 14, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.