Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

हत्यारा विरोध से नहीं सिर्फ अपनी मौत से कांपता है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 15, 2021
in ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

जापान के प्राचीन काल में एक परम्परा थी. जब कोई व्यक्ति किसी के प्रताड़ना से आजिज हो जाता था तब वह प्रताड़ित व्यक्ति अपने प्रताड़क के घर के सामने जाकर अपनी बात रखता था और फिर अपना तेज धार चाकू से अपना पेट फाड़कर वहीं मर जाता था. जापानी समाज में ऐसा जिस व्यक्ति के खिलाफ किया जाता था, वह उस व्यक्ति के लिए बेहद अपमानजनक माना जाता था और वह व्यक्ति समाज में निन्दनीय बन जाता था. इसलिए संबंधित प्रताड़क इस परिघटना से बेहद खौफ खाता था और इससे बचने का यथासंभव प्रयास भी करता था.

केवल जापान ही क्यों, इंग्लैंड जब भारत को गुलाम बनाये हुए था तब भी जब कोई व्यक्ति या संगठन अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अहिंसक तरीकों से ही लगता था, या जेलों में भूख हड़ताल करता था तब अंग्रेजी हुकूमत बेहद खौफ खाती थी और उसे खत्म करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करती थी ताकि वह व्यक्ति अपना यह हठ छोड़ दें, इसके लिए वह यथासंभव प्रभोलन का भी तरीका इस्तेमाल करती थी. भारत से अंग्रेजों के जाने के बाद भी काफी वक्त तक लगभग ऐसा ही चलता रहा जिस कारण देश में बड़े-बड़े अहिंसक आंदोलन भी हुए.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

परन्तु, भारत की हिन्दुत्ववादी संगठन आरएसएस का राजनैतिक एजेंट भाजपा के 2014 में सत्तासीन होने के साथ ही देश को क्रूर हिन्दू (ब्राह्मणवादी) रीति-रिवाजों का सामना करना पड़ रहा है, जो अंग्रेजी हुकूमत से पूर्व देश में न केवल पूरी सिद्धत से लागू ही था अपितु, सम्मानित भी माना जाता था, मसलन, बलात्कार करना, हत्या करना, दलितों का दमन करना अथवा हत्या करना, छुआछूत, दलितों को शिक्षा स्वास्थ्य से दूर करना आदि. केन्द्र की आरएसएस के एजेंट नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में आज यह तमाम ब्राह्मणवादी क्रूरता सम्मानित माना जाने लगा है.

गुजरात में हजारों मुसलमानों की क्रूर हत्या से नाम कमाने वाला संघी ऐजेंट नरेन्द्र मोदी खुद को हिन्दुत्व का लठैत बताता है और देश को हिन्दुराष्ट्र बनाने के लिए कृतसंकल्पित है. विदित हो कि हिन्दुत्व की यह विशेषता है कि वह जिसकी हत्या करता है, पहले उसकी पूजा अथवा प्रणाम करता है, अर्थात् बलि तक देने वाले जानवरों की पहले पूजा-अर्चना की जाती है. तथाकथित आजाद भारत का पहला हत्यारा नाथू राम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या करने से पहले सिर झुकाकर प्रणाम किया था और 2014 में संविधान का हत्यारा नरेन्द्र मोदी देश के संविधान की हत्या करने से पूर्व संसद भवन के सीढ़ियों पर सर झुकाकर प्रणाम किया था.

आज सात साल बाद जब देश के तमाम संवैधानिक मूल्यों समेत संवैधानिक संस्थान एक-एक कर खत्म कर दिया गया है तब यह हत्यारा नरेन्द्र मोदी देश में निर्लज्जतापूर्वक कत्लेआम मचा रखा है, लोगों को आतंकित कर दिया है, हजारों की तादाद में जनपक्षी बुद्धिजीवियों, लेखकों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में मरने के लिए डाल दिया है. एक आंकड़े के अनुसार लॉकडाऊन जैसा आपातकाल लगाकर तकरीबन डेढ़ लाख लोगों को भूख-प्यास, थकान, दुर्घटना के कारण और पुलिसिया पिटाई से मौत के घाट उतार डाला है, हजारों बलात्कार, हत्याओं को अंजाम दिया है. यह भयानक नरसंहार तथाकथित आजाद भारत के इतिहास में न तो कभी सुनी या देखी ही गई है.

बच्चा चोरी से लेकर ड्रग्स की सप्लाई तक के धंधों में शामिल यह संघी गिरोह ब्लू फिल्मों की शूटिंग तक कर बेरोकटोक सैक्स रैकेट चला रहा है. देश के मजदूरों-किसानों को चंद कॉरपोरेट घरानों का दास बनाने के लिए तमाम हथकंडा अपना रहा है. छल, कपट, झूठ, लालच आदि के जरिए देश के हर तबकों के बीच तबाही का तूफान ला खड़ा कर दिया है.

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

बैंकों का निजीकरण : पूंजीपतियों की सेवा में सारी हदें पार करती मोदी सरकार

Next Post

आर्टिकल 370 का राग फिर से क्यों गाया जा रहा है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

आर्टिकल 370 का राग फिर से क्यों गाया जा रहा है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

8 जनवरी को होने वाले मजदूरों के ‘आम हड़ताल’ एवं ‘ग्रामीण भारत बंद’ के समर्थन में अपील

January 7, 2020

रेणु का चुनावी अनुभव : बैलट की डेमोक्रेसी भ्रमजाल है, बदलाव चुनाव से नहीं बंदूक से होगा

April 26, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.