Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

मैक्स अस्पताल के लाईसेंस रद्द करने के केजरीवाल सरकार की शानदार कार्रवाई के खिलाफ भाजपा और अनिल बैजल का निजी चिकित्सा माफियाओं से सांठगांठ का भंडाफोर

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 21, 2017
in ब्लॉग
1
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

22 हफ्ते के जिन्दा जुड़ुवां नवजात के इलाज के नाम पर 5 लाख रूपये की मांग पूरी न करने पर मैक्स अस्पताल ने दोनों नवजात बच्चे को मृत घोषित कर दिया. बैग में बंद रहने के कारण एक नवजात की मौत दम घुटने से हो गई बताया जाता है तो वही दूसरे नवजात बच्चे को दूसरे अस्पताल में इलाज कराने के बाद किसी तरह बचाया जा सका. दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार इस घटना के प्रकाश में आने के फौरन बाद हरकत में आ गई और तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया. इस समिति ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में साफ तौर पर अस्पताल को तय मेडिकल नियमों का पालन नहीं करने का दोषी पाया था.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने जांच समिति के इस रिपोर्ट के आधार पर निजी अस्पतालों के इन मनमानी और आम जनता को लूटने वाली इस निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की और उक्त दोषी मैक्स अस्पताल का लाईसेंस रद्द कर दिया. इससे देश भर में आम जनता में खुशी का माहौल छा गया क्योंकि संभवतः यह पहली बड़ी कार्रवाई थी, जिसका नेतृत्व देश की आम जनता के हितों का सेवा करने वाली एक वास्तविक सरकार ने अविलंब किया था.

परन्तु, जैसा कि होना था मैक्स अस्पताल के समर्थन में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के साथ-साथ पूरी भाजपा तरह उठ खड़ी हुई और दिल्ली सरकार के निजी अस्पतालों के खिलाफ इस शानदार कार्रवाई के विरोध में जुट गई. जैसा कि होना ही था निजी कम्पनियों के टुकड़ों पर पलने वाली केन्द्र की मोदी सरकार और उसके जी-हुजूरी करने वाले दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने  नये सिरे से इस मामले को कोर्ट आॅफ फाइनेंस कमिश्नर के पास भेज दिया. इस फाइनेंस कमिश्नर ने आनन-फानन में मैक्स अस्पताल का लाईसेंस रद्द करने के दिल्ली सरकार के फैसले पर रोक लगा दी, जिसके बाद से दिल्ली के मैक्स अस्पताल में फिर से नए सिरे से देश की आम जनता को इलाज के नाम पर लूटने-खसोटने का खेल एक बार फिर शुरू हो गया.

देश की जनता हर दिन इस निजी अस्पतालों के मनमानी और लूट-खसोट का शिकार होती रहती है. चंडीगढ़ में ही डेंगू जैसी बीमारी के इलाज के नाम पर मरीज के परिजन से 16 लाख रूपये वसूलने के बाद भी बच्चे को नहीं बचाया. पटना में ही मामूली इलाज के नाम पर लाखों रूपये के फर्जी बिल बनाकर उनके परिजनों को थमा दिया, जिसके बाद परिजन उक्त पैसों को इकट्ठा करने के लिए सड़कों पर भीख मांगने लगे तो वहीं उक्त महिला मरीज को अस्पताल में ही बंधक बना कर प्रताड़ित करने लगा.

ऐसी घटनायें देश भर में हर रोज निजी अस्पतालों में घट रही है, इसके बावजूद देश की किसी भी सरकार ने लूट-खसोट करने वाली इन निजी अस्पतालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. मामले के प्रकाश में होने के बाद भले ही एकाध मरीज को थोड़ी राहत दे दी जाती हो, पर इस निजी अस्पतालों के लूट-खसोट पर रोक नहीं लगाई जाती. इसका कारण क्या हो सकता है ? निःसंदेश इसका कारण इन निजी अस्पतालों के अरबों-खरबों के भारी लूट-खसोट में देश की सरकार और उसके तंत्र की सहभागिता है. भारी-भरकम धनराशि चंदे के नाम पर विभिन्न सरकारें और उसके अमला तंत्र इन निजी अस्पतालों से  पाते हैं, बदले में उसके हर प्रकार के लूट-खसोट पर सरकारी मुहर लगाने और उसके खिलाफ उठे जनता के आक्रोश से बचाने का वचन देता है.

यही कारण है कि जब देश के बड़े निजी मैक्स अस्पताल के आपराधिक कारवाई पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार कार्रवाई करते हुए उसके लाईसेंस को रद्द करती है, तब इन माफियाओं के संरक्षक मोदी सरकार और उसके पक्के पिठ्ठू उपराज्यपाल अनिल बैजल के माध्यम से उक्त मैक्स अस्पताल का लाईसेंस रद्द करने के केजरीवाल सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है.

देश की जनता केन्द्र सरकार और उसके हित साधक लूटेरी निजी अस्पतालों के सांठगांठ को दिन की सफेद रोशनी में देख पा रही है. अब यह तथ्य कतई महत्वपूर्ण नहीं रह गई है कि मैक्स अस्पताल का लाईसेंस रद्द होता है अथवा नहीं, सबसे महत्वपूर्ण तथ्य तो अब यह हो गया है कि देश की आम गरीब-मध्यमवर्गीय जनता, जो देश की कुल आबादी का 80 प्रतिशत बनाती है, जिनके कथित वोट से सरकार बनती और बिगड़ती है, के पक्ष में कौन खड़ा है ? और कौन विरोध में. मैक्स अस्पताल के लाईसेंस रद्द होने के प्रकरण पर केन्द्र की मोदी सरकार और उसके दलाल उपराज्यपाल अनिल बैजल जनता के सामने एक बार फिर नंगे खड़े हो गये हैं. यह देश की जनता को तय करना होगा कि वह भाजपा और दलाल उपराज्यपाल बैजल को दण्डित करें.

Previous Post

निवर्तमान प्रधानमन्त्री पर वर्तमान प्रधानमन्त्री की पार्टी को उन्हीं के गृह प्रदेश में हराने के लिए दुश्मन देश के साथ षड्यंत्र करने का आरोप क्या कभी सिद्ध होगा ?

Next Post

गुजरात चुनाव में बीजेपी की जीत का एक मात्र कारण ईवीएम हैकिंग नही और भी बड़े और गम्भीर कारण हैं.

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

गुजरात चुनाव में बीजेपी की जीत का एक मात्र कारण ईवीएम हैकिंग नही और भी बड़े और गम्भीर कारण हैं.

Comments 1

  1. S. Chatterjee says:
    8 years ago

    लोगों को तय करना है वे किसके साथ खड़े हैं

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

सबसे सुखी इंसान गधा : अच्छा है याद नहीं रहता

January 10, 2020

इसरो में निजीकरण का विरोध करने वाले एक बड़े वैज्ञानिक को जहर देकर मारने की कोशिश

August 30, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.