Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home लघुकथा

अंजानी परिवार का नौकर और सुपरवाइजर

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 3, 2021
in लघुकथा
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अंजानी परिवार का नौकर और सुपरवाइजररतन लाल एक बिल्डर के यहां ठेकेदार था. उसका काम मजदूरों से काम कराना, उनकी हाजिरी लगाना और उनकी तनख्वाह बनाना था. रतन लाल अपने बिल्डर मालिक अंजानी परिवार का बहुत खास आदमी था. इतना खास कि जब भी कभी मालिक के यहां कोई पार्टी वगैरह होता तो सारा इंतजाम रतन लाल के जिम्मे ही रहता था और मालिक भी उस पर अटूट विश्वास करते थे. पार्टी में जो कुछ भी खाना बच जाता वह उसे हमेशा रतन को उठा ले जाने को बोलते थे.

रतन काम तो 18-18 घंटे करता था लेकिन उसमें कुछ गलत आदतें भी थी. वह चीजों को बेचने का शौकीन था. तो साहब अंजानी परिवार में जो खाना इत्यादि बच जाता उसे रतन ले जाकर बाहर स्टॉल लगाकर बेच देता था. फ्री के खाने को वह 100 रु. प्लेट में बेच अपनी जेब गरम रखता था. उसकी जिंदगी मशरूम और काजू खाकर अच्छी कट रही थी. दिन में वह चार बार अपने कपड़े बदलता था. कहा जाता है कि उसके सूट-बूट लाखों रुपये के होते थे.

You might also like

कथाकार व उपन्यासकार कैलाश वनवासी का समकालीन कथा साहित्य में एक जरूरी हस्तक्षेप

UPSC में 301वां रैंक को लेकर जब आकांक्षा सिंह के सपने में आया ब्रह्मेश्वर सिंह

एन्काउंटर

अक्सर वह बिल्डर की साइट से कुछ भी उठाकर बेच आता. मजदूरों की सैलरी बनाते वक्त भी रतन डंडी मार देता था. कभी किसी बहाने से किसी की सैलरी काट लेता तो कभी किसी अन्य बहाने से किसी का भत्ता लेकिन चूंकि सब रतन के कहने पर ही नौकरी पर रखे गए थे तो सब चुप थे.

रतन का एक सुपरवाइजर था, जिसे रतन की पैरवी पर ही मालिक ने नौकरी पर रखा था. पैरवी के समय ही रतन को मालूम था कि सुपरवाइजर की सैलरी ठेकेदार से ज्यादा होगी सो, रतनलाल ने सुपरवाइजर को पहले ही समझा दिया कि ‘तेरी सैलरी 4 लाख होगी लेकिन टैक्स वगैरह कट कर हाथ में 2 लाख ही आएगी. सुपरवाइजर गोविंद वैसे भी नकारा बेरोजगार था इसलिए दो लाख भी उसके लिए बहुत थे. वह तैयार हो गया.

कुछ दिन बाद एक कागज़ सुपरवाइजर के सामने आया जिसमें उसकी तनख्वाह 4 की जगह 5 लाख लिखी थी. साथ में बाइक, रहने की सुविधा और फोन वगैरह की सुविधा शामिल थी. उसने तुरंत अपने एक पत्रकार मित्र को बताया कि सरकार उसकी सैलरी में फालतू टैक्स काट रही है. हल्ला मच गया. नियम के हिसाब से सुपरवाइजर की सैलरी से टैक्स कटना ही नहीं था लेकिन एक अतिमहत्वपूर्ण नियम के हिसाब से सुपरवाइजर को पत्रकार से कुछ भी सच बोलने की मनाही थी.

बस रतनलाल ने हवेली पर बुलाकर गोविंद को बताया कि चंद पैसों के लिए गोविंद ने अपना मुंह खोलकर देश के साथ देशद्रोह किया है. लेकिन चूंकि सुपरवाइजर ठेकेदार से ऊपर होता है इसलिए वह उसे जेल में तो नहीं डाल सकता लेकिन अगली बार सुपरवाइजर बनाने के बारे में सोचकर बताएगा.

नोट : कहानी काल्पनिक है और प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की फोटो सिर्फ ध्यान खींचने के लिए लगाई गई है. इससे अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो मेरे ठेंगे से !!

  • राजीव श्रीवास्तव

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

मंहगाई से जीना हुआ मुहाल

Next Post

क्या भाजपा के हाथों बिक गई है AIMIM ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

लघुकथा

कथाकार व उपन्यासकार कैलाश वनवासी का समकालीन कथा साहित्य में एक जरूरी हस्तक्षेप

by ROHIT SHARMA
March 17, 2026
लघुकथा

UPSC में 301वां रैंक को लेकर जब आकांक्षा सिंह के सपने में आया ब्रह्मेश्वर सिंह

by ROHIT SHARMA
March 11, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

by ROHIT SHARMA
February 7, 2026
Next Post

क्या भाजपा के हाथों बिक गई है AIMIM ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

ऑस्ट्रेलिया में धार्मिक व नस्लीय नफरत/पूर्वाग्रह बनाम समाज व देश के लोगों का माइंडसेट

November 26, 2021

कश्मीर का भारत में विलय और मोदी-शाह का कश्मीर पर नालेज

September 27, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.