Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home कविताएं

हठ मत करो छेदी लाल

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
September 17, 2021
in कविताएं
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

तुम कुछ भी कहो
छेदी लाल, तुम्हारे क़िस्से में
बहुत छेद है

बाढ़ का पानी उतरा
तो पता चला
क्या क्या लापता हुआ

You might also like

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

SEDITIOUS RIVER

कौन है श्रेष्ठ ?

हवाई दौरे में नेता थे या अफ़सर
यह तो नहीं पता
लेकिन कोई हेलिकॉप्टर इसके पहले
कभी इतने करीब से नहीं देखा था

तुम्हारा मरना
इस साल
पर साल
पर के पर साल ही नहीं
हर साल की मामूली घटना है
तुम्हारी कहानी में ऐसा कौन सा ट्विस्ट है
जिसकी कवर स्टोरी कवर हो
इतनी हाय तौबा मत करो

कितने आदमी मरे
कितने पशु बहे
लेखा जोखा रख कर क्या करना
सिवाय समय और जगह की बर्बादी के
छेदी लाल, कुछ समझा करो

आपदा उत्तराखंड में हो
या दुर्घटना गुंटुरु अमरावती में
मृतकों की सूची में
तुम्हारा नाम न हो
मुमकिन नहीं है

तुम्हारा प्रदेश, प्रदेश नहीं
वेयर हाउस है
तुम पत्तन के मालवाही जहाज़ों से
उतारे और सहेजे माल हो
जहां जैसी जरुरत पड़ती है, वहां
तुम सप्लाई हो जाते हो
सप्लाई चेन टूटे नहीं
खास खयाल रखा जाता है

हठ मत करो, छेदी लाल
शांति से छठ मनाओ
होली खेलो
होजियरी त्रिपुर की हो
या लुधियाने की, बंद नहीं होनी है
हीरा तराशना हो
खराद चलाना हो
हर सूरत
चलते रहना है

आदमी होकर भी तुम्हारा
आदमी न होना
आदमी का कितना बड़ा अपमान है

  • राम प्रसाद यादव

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

ऐसे क्रूर सवालों के समय भी कांग्रेस के अंदर दया और क्षमा भाव ज्यादा ही प्रबल है

Next Post

नरेन्द्र और विश्वकर्मा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
कविताएं

SEDITIOUS RIVER

by ROHIT SHARMA
September 7, 2025
कविताएं

कौन है श्रेष्ठ ?

by ROHIT SHARMA
July 31, 2025
कविताएं

स्वप्न

by ROHIT SHARMA
June 26, 2025
कविताएं

ढक्कन

by ROHIT SHARMA
June 14, 2025
Next Post

नरेन्द्र और विश्वकर्मा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

कंडोम में न्यायपालिका

February 19, 2021

संवाद में विश्वसनीयता का प्रश्न

April 30, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.