Wednesday, July 29, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

न्यूज नेटवर्क ‘अलजजीरा’ के दम पर कतर बना वैश्विक ताकत और गोदी मीडिया के दम पर भारत वैश्विक मजाक

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 5, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

न्यूज नेटवर्क 'अलजजीरा' के दम पर कतर बना वैश्विक ताकत और गोदी मीडिया के दम पर भारत वैश्विक मजाक

1996 में अल जजीरा बना था. महज एक अरबी चैनल के रूप में बना. मिडिल ईस्ट के देशों में तब कोई स्वतंत्र चैनल नहीं था. स्टेट चैनल होते थे, जिनका काम देश के नेता का गुणगान करना, अच्छे दिनों का बखान करना और खबरों को दिखाने की बजाय दबाना होता था.

You might also like

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

तो अल जजीरा मिडिल ईस्ट के रेगिस्तान में एक नई हवा बना. सन्तुलित, निष्पक्ष कंटेंट, जमीनी रिपोर्टिंग, वो सुनाता कम, दिखाता ज्यादा. जो जहां जैसा है, देखिये. बोलने का मौका सभी पक्षों को मिलता.

अरबी चैनल होने के बावजूद अलजजीरा ने अंग्रेजी को भरपूर तरजीह दी. दुनिया के बड़े और नामचीन पत्रकारों को जोड़ा. जर्नलिज्म के एथिक्स तय किये. दुनिया में बीबीसी की जो वकत है, जो आदर्श हैं, जो शांत विचारण है, वह अल जजीरा के लिए तय किया गया मॉडल था.

लेकिन उस दौर में जब अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, 9-11, अरब स्प्रिंग जैसी घटनाएं हो रही थी, अल जजीरा ने कमाल किया. हैरतअंगेज जमीनी रिपोर्ट, लाइव वार जोन, जान हथेली पर लेकर चलते पत्रकार. 10 से ऊपर पत्रकार मारे जा चुके, कुछ कैप्चर हुए, बहुतेरे घायल लेकिन न अल जजीरा डरा, न उसके निडर पत्रकार.

उसने तस्वीर का दूसरा रुख भी सामने रखा. अरब, इजराइल, अलकायदा को भी अल जजीरा का माइक मिला. कोई पक्ष कुछ भी बोले, तय तो व्यूवर को करना था कि विश्वास किसका करे. तो व्यूवर ने चाहे जिसके पक्ष का यकीन किया हो, भरोसा हमेशा अल जजीरा का बढ़ता गया.

आज अल जजीरा दुनिया के हर देश को ऑपरेट कर रहा है. उसके कवरेज, उसकी खबरें, उसके एंकर, उसके कंटेंट को बियॉन्ड डाऊट एक्सेप्ट किया जाता है लेकिन मैं आपसे अल जजीरा की बात नही कर रहा. मेरी बात तो कतर की है.

कतर

मिडिल ईस्ट के इस अनजान देश के शाह ने इस चैनल को शुरू कराया. काम करने की पूरी स्वतंत्रता दी. अब 25 साल में अल जजीरा ने कतर को वह हैसियत दे दी, कि वो मिडिल ईस्ट की एक प्रमुख राजनीतिक ताकत बन गया है. दोहा, अब एशिया का नॉर्वे बन गया है.

वह तालिबान अमेरिका के बीच शांति वार्ता करवा रहा है. यमन के विद्रोही गुटों में शांति करवा रहा है. अरब इजराइल विवाद और गाजा पट्टी के मामलों में मध्यस्थता कर रहा है. जिस देश की अदरवाइज कोई औकात नहीं, एक न्यूज नेटवर्क के दम पर वैश्विक ताकत बन चुका है.

मध्यपूर्व की जियोपोलिटिक्स में अब कोई फैसला कतर को नकार कर नहीं हो सकता. कोशिश की गई थी, चार साल पहले जब कतर पर ब्लोकेड किया गया. मिडिल ईस्ट के देशों ने ब्लोकेड हटाने के लिए इस चैनल को बन्द करने की शर्त रखी. कतर नहीं माना, विरोधियों को ही झुकना पड़ा. लेकिन कतर की बढ़ती हैसियत में अल जजीरा का महत्व दुनिया ने समझ लिया. इस बरस अल जजीरा अपनी रजत जयंती मना रहा है.

भारत के चैनल ‘गोदी मीडिया’ ने भारत को वैश्विक मजाक बना दिया

न्यूज नेटवर्क 'अलजजीरा' के दम पर कतर बना वैश्विक ताकत और गोदी मीडिया के दम पर भारत वैश्विक मजाक

25 साल पहले भारत में भी सेटेलाइट क्रांति हुई. चैनल आये, न्यूज स्वतंत्र हुई. अब सरकारी टेलीविजन पर हम निर्भऱ नहीं थे. लगता था, दस बीस सालों में हिंदुस्तान भी, कोई बीबीसी, कोई अल जजीरा पैदा कर लेगा.

पर ऐसा हो नहीं सका है. हमारे चैनल रद्दी का टोकरा और सरकारी माउथपीस बन गए हैं. सरकारी विज्ञापन, नफरत की खेती, रद्दी बहसें, बेकार मुद्दे, खराब रिसर्च और एकपक्षीय कवरेज ने भारत के चैनलों को वैश्विक स्तर पर मजाक बना दिया है.

प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में हम अफ्रीकी तानाशाहियों के बीच बैठे है. विदेशी चैनल हंस रहे हैं हमारी न्यूज फुटेज दिखाकर. जहां युद्ध के वीडियो गेम को अफगानिस्तान की फुटेज बताई गयी है. फेक न्यूज अब भारतीय चैनलों की यूएसपी है. ड्रग दो, ड्रग दो के तमाशे है. हिन्दू मुस्लिम शोर, बैठ जा मौलाना की धमकियां हैं.

पैसे किस एंकर ने कितने कमाए कौन जाने, पर यह हम जानते हैं कि भारत किसी अल जजीरा जैसे चैनल के बूते, कतर की तरह वैश्विक सीढियां चढ़ने से महरूम रह गया.

भारतीय मीडिया ये कर सकता था, मगर नहीं कर सका. तो क्या यह अपने आपमें देशद्रोह नहीं. पैसों के लिए देश को पीछे धकेल देना, और क्या कहलाता है ?? इस देशद्रोही प्रसारण के दर्शक, टीआरपी दाता, अगर आप भी थे, तो आप क्यों देशद्रोही नही गिने जाएं, सोचकर बताइएगा.

और यह भी सोचिये कि ऐसे कितने क्षेत्र हैं जिसमें अगुआ बनने का अवसर हमने इस जहालत के दौर में खोया है. कितने टैलेंट जात धर्म की लड़ाई में बर्बाद किये हैं. कितना विमर्श, समय, बहसें हमने उन चीजों पर खर्च किये, जिसका कोई हासिल नहीं.

पलटकर हमारी अगली पीढ़ीयां जब देखेंगी तब पाएंगी कि हमने भारत को वहां तक ले जाकर नहीं छोड़ा, जिसका हममें पोटेंशियल था, जिसका अवसर खुला था बल्कि पीछे धकेल दिया. तो क्या हमें एक देशद्रोही पीढ़ी के रूप में याद नहीं करेगी ?

  • मनीष सिंह

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

पेट्रोल डीजल के दाम में कमी मोदी ने आखिर क्यों किया ?

Next Post

केरल की छात्रा दीपा पी मोहनन का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

by ROHIT SHARMA
July 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
Next Post

केरल की छात्रा दीपा पी मोहनन का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

बाबर अपने किताब में सांगा का नाम ही क्यों लिखता है ?

March 31, 2025

धर्म को टूल बनाकर औरतों का शोषण किया जाता है

September 27, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026
Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.