Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

जमीन का डिमोनेटाइजेशन : ‘वन नेशन वन रजिस्ट्रेशन’

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
February 7, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

जमीन का डिमोनेटाइजेशन : 'वन नेशन वन रजिस्ट्रेशन'

girish malviyaगिरिश मालवीय

देश भर की जमीन का डिमोनेटाइजेशन ! चौंकिए मत ! दरअसल आजकल मीडिया का काम ख़बरों को छिपाने का हो गया है. अब इस साल के बजट को ही ले लीजिए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने बजट भाषण में एक बड़ी महत्वपूर्ण घोषणा की थी लेकिन मीडिया उस घोषणा के प्रभाव की जानकारी देने के बजाय सरकारी विज्ञप्ति ही छाप देती है. हम बात कर रहे हैं ‘वन नेशन वन रजिस्ट्रेशन’ की.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

बजट भाषण में घोषणा की गयी कि अब से देश की हर जमीन का आधार जैसा यूनिक नंबर होगा, इसके लिये लैंड का डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड होगा. इसके लिए आधुनिक तकनीक और उपकरण का इस्तेमाल किया जायेगा. जमीनों की जियोकोडिंग और जियोटैगिंग की जाएगी और इसके लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जाएगी. केंद्र सरकार का लक्ष्य मार्च 2023 तक तक देशभर के लैंड रिकॉर्ड को डिजिटल करने का है.

सुनने में तो यह योजना बड़ी भली मालूम होती हैं. पहली नजर में तो इसमे कोई खोट आप निकाल नहीं पाएंगे लेकिन आपको पता होना चाहिए कि जमीन से संबंधित कानून हर राज्य के अलग-अलग है. य़ह राज्य सूची का विषय है. यानी देश भर की जमीनों को एक यूनिक नंबर देने के लिए आपको देश भर के अलग-अलग राज्यों में बने कानून को एक केंद्रीय कानून के तहत लाना होगा. और यहां हमारे सामने आता है नीति आयोग का बनाया हुआ ‘लैंड टाइटलिंग एक्ट.’

अब आप पूछेंगे कि ये कब हुआ ! तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि पिछले साल देश में आधारभूत परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आसान बनाने और भूमि के स्वामित्व में मुकदमेबाजी कम से कम करने के मकसद से नीति आयोग ने राज्यों के लिए मॉडल अधिनियम का एक मसौदा जारी कर दिया था.

इस मसौदा मॉडल अधिनियम और इसके नियमों से राज्य सरकारों को अचल संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन की प्रणाली की स्थापना, प्रशासन और प्रबंधन की शक्ति हासिल होगी.

मसौदा अधिनियम के मुताबिक, नोटिफिकेशन जारी होने के तीन साल के भीतर कोई व्यक्ति जमीन पर स्वामित्व से संबंधित अपनी आपत्ति रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के समक्ष दर्ज करा सकेगा. इसके बाद यह अफसर इस मामले को भूमि विवाद समाधान अधिकारी के पास भेजेगा. समाधान अधिकारी के आदेश से असंतुष्ट होने पर इसके खिलाफ भूस्वामित्व अपीलीय अधिकरण के समक्ष 30 दिन के भीतर अपील की जा सकेगी. अधिकरण के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकेगा, जहां हाईकोर्ट की विशेष पीठ इन मामलों को सुनेगी.
इसका पायलट प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश में लागू होने जा रहा है.

मध्यप्रदेश सरकार देश में पहली बार लैंड टाइटलिंग एक्ट लेकर आ रही है. यहां के भूमि सुधार आयोग, आयुक्त भू अभिलेख, नगरीय आवास एवं विकास, पंजीयन विभाग सहित अन्य विभाग मिलकर इस एक्ट को मूर्त रूप दे रहे है. लैंड टाइटलिंग एक्ट को लागू करने के लिए सभी विभागों से डाटा लेकर इसे सिंक्रोनाइज किया जाएगा. लैंड टाइटलिंग एक्ट में मप्र में जमीनों का सौदा करने के लिए यूनिक आइडी बनाई जाएगी.

इसके बारे में हमारे एक मित्र Satyam Shrivastava ने Abhishek Srivastava के मीडिया पोर्टल ‘जनपथ’ में एक लेख में विस्तार से लिखा है. वे लिखते हैं –

‘दरअसल यह एक राष्ट्र, एक दल, एक झण्डा, एक विधान और एक नेता की सूक्ति से सम्पन्न ग्रामीण, कस्बाई व शहरी क्षेत्रों में विवादित निजी स्वामित्व की सम्पत्तियों के नियमितीकरण के लिए एक सार्वभौमिक व्यवस्था थोपे जाने का आगाज़ है.

‘यह न्यू इंडिया का एक ऐसा कानून है जिसका उद्देश्य तमाम निजी अचल संपत्ति पर नियत तिथि तक हुए कब्ज़ों को टाइटल में बदलना है. यह अचल संपत्ति मुख्यतया निजी ज़मीनें हैं. इसके अलावा कुछ और महत्व की संपत्तियां मसलन जलस्रोत, निजी अहाते, फ्लैट, मकान, खेत आदि शामिल हैं.

‘प्रथमदृष्ट्या यह लगता है कि यह जबरन या यथास्थिति में तमाम तरह के कब्ज़ों को वैध घोषित किए जाने की कोशिश है ताकि इन सम्पत्तियों पर चले आ रहे विवादों का अंतिम समाधान प्राप्त किया जा सके. इसे ऐसे भी देखा जा रहा है कि वास्तव में अवैध कब्जों को हटाकर उस भूखंड विशेष के असल मालिक को उसका अधिकार दिलाने के लिए है. इसका निर्धारण इस बात से होगा कि कौन उस ज़मीन या भूखंड के सच्चे कागजात पेश कर सकता है.’

अब आप कहेंगे कि ये सब तो ठीक हैं लेकिन इसे आप जमीनों का डिमोनेटाइजेशन कैसे कह रहे हैं ? आप याद कीजिए कि दरअसल नोटबंदी में हुआ क्या था ? नोटबंदी में हुआ यह था कि आप अपने घर में रखे हजार और पांच सौ के नोट जो अब लीगल टेंडर नही रह गए थे, उन्हें बदलवाने के लिए सक्षम प्राधिकारी के पास लेकर गए थे.

इस कानून में भी अपनी जमीन का आधार जैसा यूनिक नंबर लेने के लिए आपको किसी सक्षम प्राधिकारी के पास जाना होगा, वो भी पूरे कागज लेकर. अधिक विस्तार से समझना चाहते है तो वकील साहब आपको समझा देंगे.

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें]

Previous Post

नौजवानों को नकारा साबित करने के लिए संघी फैलाता है फेक न्यूज

Next Post

‘देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है’ – इस कथन की सच्चाई क्या है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

'देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है' - इस कथन की सच्चाई क्या है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

सेपियंस

November 8, 2023

‘हिस्टीरिया’ : जीवन से बतियाती कहानियां

December 8, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

March 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

March 7, 2026

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.