Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

तीन दशक बाद रुस-चीन के नेतृत्व में अंतरिक्ष पर कब्जा की लड़ाई तेज

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 18, 2022
in ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अमेरिकी साम्राज्यवाद अन्य देशों की भांति ही सोवियत संघ को अंदर से खोखला कर खत्म कर दिया और उसे 15 टुकड़ों में बांट दिया, इसके बाद भी सोवियत संघ के सबसे बड़े टुकड़े रुस पर हमला करना बंद नहीं किया. इससे आजिज होकर रुस ने अपने पूर्व सहयोगी यूक्रेन पर हमला कर दिया. रुस की चेतावनियों के वाबजूद अमेरिका के नाटो गुंडें यूक्रेन की धरती पर रुसी फौज से लड़ाई ठान दिया है. अभी रुसी फौजियों द्वारा पकड़े गए नाटो सैनिक यही बताते हैं कि अमेरिकी साम्राज्यवाद यूक्रेन में रुसी फौजों के खिलाफ लड़ रहा है.

यही कारण है कि रुस और चीन ने मिलकर अब अंतरिक्ष पर अमेरिकी बर्चस्व के खिलाफ अपना तानाबाना मजबूत करना शुरू कर दिया है. यह जानकारी महत्वपूर्ण है कि पूर्व सोवियत संघ और चीन का भी तकनीक पक्ष अमेरिकी साम्राज्यवाद की तुलना में काफी मजबूत है. इसके पीछे दो कारण हैं. पहला यही है कि सोवियत संघ के उदय के साथ ही सोवियत संघ दुनिया भर के समूचे साम्राज्यवादी खेमा के निशाने पर आ गया, जिससे सोवियत संघ ने जो भी विकास किया वह अपने दम पर किया. इसमें समूचे देश की जनता ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे काफी कम वक्त में ही महाशक्ति बन गया.

You might also like

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

दूसरा, जो सबसे महत्वपूर्ण भी है वह है लेनिन-स्टालिन की सैद्धांतिक नीतियों ने समूची दुनिया की मेहनतकश जनता का हृदय जीत लिया, जिससे सारी दुनिया की मेहनतकश जनता ने अपने अपने तरीकों से सोवियत संघ के मदद और समर्थन में खड़ी रही. लेकिन 1953 में महान शिक्षक स्टालिन की मौत के बाद सोवियत संघ ने ज्यों ही लेनिन-स्टालिन की नीतियों को तिलांजलि दे दी, बस तभी से सोवियत संघ अपने पतन की राह पर चल पड़ा, जिसकी अंतिम परिणति 1991 में 15 टुकड़ों में बंटे ‘सोवियत संघ’ के रुप में हुई.

रुस के वर्तमान राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन को अपने स्वर्णिम अतीत का याद तो है लेकिन उन्हें लेनिन-स्टालिन की विजयी नीतियों पर भरोसा नहीं है, जो उनके कई बयानों से जाहिर भी हुआ है. यानी, पुतिन केवल विचारशून्य सैन्यबल और तकनीक के बूते अमेरिकी साम्राज्यवाद से लड़ना चाहते हैं, जो मुश्किल तो है पर असंभव नहीं है, क्योंकि अमरीकी साम्राज्यवाद भी विचारशून्य सैन्यबल और तकनीक से ही लड़ रहा है. लेकिन उसकी इस लड़ाई या जीत में दुनिया की मेहनतकश जनता के लिए कोई उपयोगिता नहीं है. तब यह युद्ध या महायुद्ध एक अच्छे गुंडे (रुस) और एक बुरे गुंडों (अमेरिका) की बीच की लड़ाई से ज्यादा महत्व नहीं रखता.

लेकिन, इससे यह तय हो गया है कि अमेरिकी साम्राज्यवाद के तीन दशक के अबाधित राज के दौर का अंत हो गया है और अब दुनिया एक बार फिर दो धुरी में बंट गया है. फिलहाल, रुस, चीन, उत्तर कोरिया एक साथ एक धुरी बना लिया है तो जाहिर है तकनीक और सैन्यबल में अपनी उच्चतम योग्यता का लोहा मनवा चुके रुस, चीन, उत्तर कोरिया धरती से लेकर अंतरिक्ष तक अपना भविष्य निर्धारित करेंगे.

खबर.के अनुसार चीन और रूस सक्रिय रूप से संघर्ष और अस्थिरता के माहौल में अंतरिक्ष में अपनी युद्ध शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं. ये दोनों देश एक साथ मिलकर अंतरिक्ष-आधारित प्रणालियों पर अमेरिका की निर्भरता को निशाना बना रहे हैं. इस कारण अंतरिक्ष में अमेरिकी वर्चस्व को चीन और रूस से कड़ी टक्कर मिल रही है. यूएस डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी की हाल में ही जारी अंतरिक्ष में सुरक्षा के लिए चुनौतियां नाम की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के एक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में उभरने और रूस के पुनरुत्थान ने अंतरिक्ष के सैन्यीकरण का विस्तार किया है. चीन और रूस अपने अंतरिक्ष और काउंटर-स्पेस क्षमताओं को राष्ट्रीय और युद्ध की रणनीतियों में शामिल कर रहे हैं ताकि अमेरिका को चुनौती दी जा सके.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 से 2021 के बीच चीन और रूस ने अपने अंतरिक्ष बेड़े 2015 से 2018 की तुलना में 70 फीसदी तेजी से बढ़े हैं. वहीं, दोनों देशों ने अपने संयुक्त उपग्रह बेड़े में 200 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन और रूस अमेरिका की ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) और अन्य अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए सिस्टम विकसित कर रहे हैं. इतना ही नहीं, चीन और रूस अत्याधुनिक एंटी-सैटेलाइट (एएसएटी) हथियारों को विकसित करने पर भी ध्यान दे रहे हैं. ऐसा करके ये दोनों देश खुद को दुनिया के अग्रणी अंतरिक्ष शक्तियों के रूप में स्थापित कर रहे हैं.

यूएस डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी की रिपोर्ट में चीन और रूस के अंतरिक्ष युद्ध सिद्धांतों का भी जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि चीन काउंटर-स्पेस ऑपरेशंस को ताइवान में अमेरिकी हस्तक्षेप को रोकने के साधन के रूप में देखता है क्योंकि अमेरिकी सैटेलाइटों पर संभावित हमले के कारण अमेरिका और उसके दूसरे सहयोगी देश सटीकता के साथ मार करने वाले हथियारों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इसमें यह भी चेतावनी दी गई है कि चीन अमेरिका और सहयोगी बलों को ‘अंधा’ करने के लिए खुफिया, निगरानी, टोही, संचार और अर्ली वॉर्निंग सैटेलाइटों को निशाना बना सकता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस अंतरिक्ष को अमेरिकी सेना के प्रोजेक्शन और प्रिसिजन स्ट्राइक कैपिबिलिटी के महत्वपूर्ण साधन के तौर पर देखता है. ऐसे में इन्हें नष्ट कर अमेरिकी सेना को टेक्नोलॉजी के आधार पर अंधा किया जा सकता है. रूस ने यूक्रेन में अपनी स्पेस डिनॉयल कैपिबिलिटी को तैनात किया है, ऐसे में रूसी सैटेलाइट्स यूक्रेनी सेना के बेस की जानकारी जुटाने के साथ उनके इंटरनेट और जीपीएस को जाम कर रहे हैं./हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि रूस ने यूक्रेन में अपनी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं को पूरी तरह से तैनात नहीं किया है. वहीं, अमेरिका की कॉमर्शियल सैटेलाइट सर्विसेज ने रूस के खिलाफ यूक्रेन को बड़ी मदद पहुंचाई है.

ऐसे में कोई शक नहीं है कि चीन यूक्रेन के घटनाक्रम को देख रहा है और ताइवान की अपनी रणनीति को लेकर सबक सीख रहा है. चीन ने संभवत: इस बात पर ध्यान दिया है कि यूक्रेन के साथ अमेरिकी खुफिया जानकारी ने रूसी सैन्य पराजय और भारी हथियारों के नुकसान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ऐसे में अगर चीन कभी भी ताइवान पर हमला करने का विकल्प चुनता है तो वह यूक्रेन में रूस के वर्तमान हालात से बचने की कोशिश जरूर करेगा. ताइवान के लिए लड़ाई में, इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि अमेरिका यूक्रेन की ही तरह खुफिया जानकारी साझा करेगा.

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

सावधान ! हिन्दू-मुसलमान कोलाहल की आड़ में किसी नए कारपोरेट लूट का समां बंध रहा है

Next Post

संघ और भाजपा एक राष्ट्र के रूप में भारत को मार डालने का अपराध कर रही है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
ब्लॉग

आख़िर स्तालिन के अपराध क्या था ?

by ROHIT SHARMA
November 6, 2025
Next Post

संघ और भाजपा एक राष्ट्र के रूप में भारत को मार डालने का अपराध कर रही है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

भक्तों तुम्हारी भक्ति, तुम्हारी तपस्या को नमस्कार !

January 24, 2022

न्यायपालिका : संस्था महत्वपूर्ण होती है न कि कोई व्यक्ति विशेष

August 15, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.