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चंदौली : हत्यारी और बलात्कारी पुलिस का एक ही इलाज – माओवादियों का जनअदालत

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 3, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
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चंदौली : हत्यारी और बलात्कारी पुलिस का एक ही इलाज - जनता का जनअदालत
हत्यारी और बलात्कारी पुलिस ने कन्हैया यादव के घर में घुसकर दो बेटियों के साथ की बर्बरता, एक की हुई मौत

पुलिस की नियुक्ति ही समाज में हत्या और बलात्कार करने के लिए होता है ताकि लोग सरकार के किसी भी शोषण के खिलाफ आवाज नहीं उठा सके. पुलिसिया जुल्म और हैवानियत के खिलाफ जब लोग हथियार उठा लेते हैं, और जनता जब पकड़ लेती है तब यही हत्यारा और बलात्कारी पुलिसिया गुंडा अपनी जान की भीख मांगना शुरु करता है कि ‘हम तो गरीब आदमी हैं. नौकरी करते हैं. बाल बच्चेदार आदमी हैं.’ हत्यारे और बलात्कारी पुलिसिया गुंडों की हत्या करने से किसी भी तीर्थयात्राओं से ज्यादा पुण्य मिलता है. 

ताजा मामला उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का मनराजपुर गांव का है जहां इस हत्यारे और बलात्कारी पुलिसिया गुंडों की हैवानियत के कारण मरघटी सन्नाटा और खामोशी पसरी है. खबर के अनुसार चंदौली जिले के मलाईदार थाना सैयदराजा के इंस्पेक्टर यूपी सिंह ने पुलिस रोजनामचे में कन्हैया यादव को एक साजिश के तहत अपराधी घोषित कर उसे जिलाबदर कर दिया, उसके बाद उसके घर में घुसकर उसकी दो बेटियों की न सिर्फ निर्मम पिटाई की, बल्कि एक को तो पीटते-पीटते मौत के घाट उतार दिया.

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बलात्कार का विरोध करने पर पुलिस ने पीट-पीटकर मार डाला 22 वर्षीय निशा को

विदित हो कि कन्हैया यादव सपा का सक्रिय कार्यकर्ता था और बालू की ठेकेदारी करता था. आरोप है कि रंजिशन इसे तमाम मामलों में फंसाया गया. पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोली और बाद में उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई कर दी गई. कन्हैया यादव के घर पर पुलिस आए दिन दबिश देती रही है. दबिश के बहाने पुलिस आए दिन कन्हैया के घर पर धमक जाती थी और छेड़छाड़, मारपीट व गाली-गलौज कर लौट जाती थी.

30 अप्रैल की शाम कन्हैया के बड़े बेटे को पुलिसिया गुंडों ने अकारण पकड़ लिया और अवैध तरीके से हवालात में रखा. उसका छोटा भाई थाने के चक्कर लगाता रहा. इसी बीच हत्यारा और बलात्कारी इंस्पेक्टर यूपी सिंह हमराहियों के साथ हमराजपुर पहुंचा और बंदूक की बटों से घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा और कन्हैया की बेटियों निशा यादव उर्फ गुड़िया (22 वर्ष) और गुंजा (18 वर्ष) के साथ बदसलूकी शुरू कर दिया. विरोध करने पर इंस्पेक्टर ने लाठियों से पीटना शुरू कर दिया जिससे निशा की मौत हो गई और गुंजा फिलहाल जीवन और मौत से जूझ रही है. उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई है.

बलात्कार करने आई थी पुलिस

गुंजा के पिता कन्हैया यादव का आरोप है कि पुलिस इस बात से वाकिफ थी कि घर पर सिर्फ दो जवान लड़कियां ही होंगी. पुलिस मौके पर पहुंची और उन पर जुल्म ढाना शुरू कर दिया. इंस्पेक्टर की नीयत ठीक नहीं थी. दोनों बेटियों ने उसका विरोध किया तो इंस्पेक्टर यूपी सिंह बेकाबू हो गया और दोनों लड़कियों पर लाठियों से हमला शुरू कर दिया. इस्पेक्टर को लाठी चलाते देख उसके हमराहियों ने भी मारपीट शुरू कर दी. पुलिस का नंगा नाच करीब आधे घंटे तक चला और दोनों लड़कियों को दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से तब तक से पीटा जाता रहा जब तक वह बेसुध होकर जमीन पर नहीं गिर गईं.

पानी डालकर होश में लाकर फिर पिटाई करता था पुलिसिया गुंडा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों लड़कियां बेहोशी की हालत में जमीन पर पड़ी थीं और पुलिस लगातार डंडे बरसाए जा रही थी. बीच-बीच में पुलिस वाले दोनों लड़कियों की नब्ज भी टटोल रहे थे कि वो जिंदा हैं या फिर उनकी मौत हो गई है. सैयदराजा के हत्यारा और बलात्कारी इंस्पेक्टर यूपी सिंह दोनों लड़कियों को होश में लाने के लिए पानी छिड़कता, और जब वह होश में आती तब पुनः लाठियों से पीटता. यही प्रक्रिया हैवान यूपी सिंह तब तक दोहराता रहा जब तक की निशा की मौत सुनिश्चित नहीं हो गया.

हत्या को आत्महत्या का नाम देने की कोशिश

निशा की मौत हो जाने के बाद हैवान यूपी सिंह ने लोगों के सामने ही निशा को साड़ी के फंदे पर लटाकाया और ‘आत्महत्या कर ली’ कहकर हैवान यूपी सिंह आराम से चला गया. होश आने पर निशा की बहन गुंजा बताती है, ‘पुलिस की पिटाई से जब मेरी बहन मर गई तो इंस्पेक्टर यूपी सिंह उसकी लाश को घसीटते हुए छत पर ले गया. उसने हमराहियों से घर में रखी मेरी मां की साड़ी और कुर्सी मंगवाई. घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसके शव को फंदे से लटका दिया. फिर पुलिस वाले भाग निकले. बहन को फंदे से लटकाते देख हम बेहोश हो गए.’

कन्हैया के घर में सब कुछ अस्त-व्यस्त है. पुलिस ने कुर्सियां तोड़ रखी है और घर का सामन भी. हर तरफ सन्नाटा पसरा है. मनराजपुर गांव पुलिस छावनी में बदल गया है. पुलिस गांव में आने वाले हर किसी को रोक लेती है और पूछताछ करती है. कन्हैया के घर की फोटो लेने पर भी पुलिस डंडा फटकारने लगती है. कन्हैया यादव के पड़ोसी दीपक यादव कहते हैं, ‘गुंजा के चीखने चिल्लाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे. स्थिति देख सभी सन्न रह गए. सभी को पता चल गया कि पुलिस ने निशा का कत्ल कर दिया है. यह बात इलाके भर में फैल गई. कुछ ही देर में आसपास के कई गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए. गांव की जवान बेटी की बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतारे जाने से ग्रामीण काफी गुस्से में हैं.

पूर्व सांसद का आरोप – रेप में विफल रहने पर की हत्या

मौके पर मौजूद निशा के भाई ने पुलिस पर अपनी बहनों के साथ मारपीट के अलावा निशा के साथ छेड़छाड़ और रेप का आरोप लगाया. मौके पर पहुंचे पूर्व सांसद राम किशुन यादव ने कहा,

पुलिस ने कन्हैया की बेटियों को अकेला पाकर पहले जोर-जबर्दस्ती करने की कोशिश की. विरोध करने पर दोनों को बर्बर तरीके से पीटना शुरू कर दिया. बाद पुलिस ने हत्या को आत्महत्या में बदलने के लिए सीन क्रिएट किया. सच यह है कि पुलिस ने पहले कन्हैया को जबरिया अपराधी बनाया. फिर जिला बदर किया और बाद में उसकी बेटी को मौत के घाट उतार दिया. कन्हैया बालू का कारोबारी रहा है. चुनावी रंजिश में विरोधियों ने सैयदराजा पुलिस के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और तमाम फर्जी मुकदमें गढ़कर उन्हें जिलाबदर कराया. पहले भी दबिश के दौरान इंस्पेक्टर यूपी सिंह की कन्हैया की बेटियों के साथ बदसलूकी किया करता था.’

चंदौली में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम सिंह भी आरोप लगाते हैं –

सैयदराजा इंस्पेक्टर लड़कियों की अस्मत लूटने पहुंचा था. उसे मालूम था कन्हैया की बेटियों के अलावा घर में कोई नहीं है. पुलिस ने एक दिन पहले ही कन्हैया यादव के बड़े बेटे को उठा लिया था. मौका पाकर इंस्पेक्टर यूपी सिंह लड़कियों की इज्जत लूटने के लिए मनराजपुर पहुंचा था. मामला बिगड़ते देख इंस्पेक्टर ने अपने हमराहियों को घर के अंदर बुलाया और दोनों लड़कियों पर लाठियां तोड़नी शुरू कर दी.

बलात्कार में विफल रहने पर हत्या से एसपी खुश, हत्या को आत्महत्या बताया

शैतान एसपी अंकुर अग्रवाल अभी भी इसे हत्या नहीं, आत्महत्या का मामला मानते हैं. वह कहते हैं –

‘सैयदराजा थाना क्षेत्र का एक वीडियो शाम छह बजे के आसपास वायरल हुआ जिसमें एक महिला का मृत्यु होना बताया जा रहा है. इंस्पेक्टर द्वारा बताया गया कि चार बजे दबिश देने के लिए महिला पुलिस के साथ गए थे. उसकी इंट्री और वीडियो भी है. खोजबीन में जब कन्हैया नहीं मिला तो पुलिस आगे चली गई. इसके बाद वीडियो वायरल हो गया. इस मामले में जांच बैठाई गई है. पुलिस की लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी. प्रथम दृष्टया यह लग रहा कि महिला की मौत घर के किसी कारण से या फिर सुसाइड करने से हुई है.’

डीआईजी के. सत्यनारायण कहते हैं –

‘सैयदराजा इंस्पेक्टर यूपी सिंह को निलंबित कर दिया गया है. मृतक गुड़िया के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई होगी. कन्हैया यादव गैंगेस्टर का आरोपी है. गांव में स्थिति पूरी तरह पुलिस के नियंत्रण में है. फिलहाल मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है,’ ताकि अन्य पुलिसिया गुंडा भी दूसरी बच गई लड़की के साथ बलात्कार का आनन्द हासिल कर सके.

कहना नहीं होगा, हत्यारा और बलात्कारी यूपी सिंह और उसके सहयोगियों को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पुरस्कृत करेगी. आश्चर्य नहीं होगा अगर इसे वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाये और उसे भारत स्तर पर सबसे ईमानदार, सबसे कर्मठ पुलिस होने का तमगा दिया जाये.

जनता के सामने विकल्प क्या है ?

जनता के सामने हथियार उठाकर हत्यारे और बलात्कारी पुलिसिया गुंडों को जन अदालत लगाकर मौत की सजा देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. अभी एसपी ही इसका साथ दे रहा है, आगे न्यायालय भी साथ देगा और यूपी सिंह वीरता पुरस्कार का पदक लगाये अपनी हैवानियत का जलवा बिखेरता हुआ अगला शिकार, कोई और निशा की तलाश में निकल पड़ेगा क्योंकि सेना और पुलिस का निर्माण ही हत्या और बलात्कार करने के लिए होता है.

  • मोहन ठाकुर

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