Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

ऐसी बहुत सी चीज है, जो भारत से अच्छी पाकिस्तान में है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 7, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

ऐसी बहुत सी चीज है, जो भारत से अच्छी पाकिस्तान में है. जैसे वहां का कश्मीर, भारत के कश्मीर से ज्यादा खूबसूरत है. वहां हिंगलाज मंदिर है, जो हिन्दुओं के 51 शक्ति पीठों में से एक है, जहां सती माता का सर कट के गिरा था. वहीं पर वेदों की रचना हुई थी, जिसे सप्तसैंधव प्रदेश कहते है. वहां सात नदियां थी – 1. सिंधु 2. सरस्वती 3. वितस्ता (झेलम) 4. अस्किनी (चेनाब) 5. पुरुष्णी (रावी/ ) 6. शतुद्री (सतलज) 7. विपासा (व्यास). वो सब पाकिस्तान में ही है.

ऋग्वेद में बहुत सी नदियों का उल्लेख है जिसमें से मुख्य नदियां ये भी हैं, जो आजादी के बाद पाकिस्तान चली गयी – क्रुमु (कुरुम), गोमती (गोमल), कुभा (काबुल), सुवास्तु (स्वात), वितास्ता (झेलम), आस्किनी (चेनाब), परुष्णी (रावी), शतुद्र (सतलज), विपासा (व्यास).

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

बलूचिस्तान के काळात (कलात) में काली माता का वो प्राचीन मंदिर है, जो 1600 वर्ष से भी पहले का है. काळात (कलात) को बहुत पवित्र माना जाता है. अहिरावण राम और लक्ष्मण जी को यहीं बलि देने के लिए लाया था. लोग हनुमान के बेटे को मकरध्वज बोलते हैं, मगर उसका असली नाम मकरंद था. उसी के नाम पर मकरान एरिया का नाम पड़ा, जो एरिया ईरान और बलूचिस्तान को मिला कर बना है. वहां बहुत कम हिन्दू हैं जो अभी तक बलूची बोलते हैं यानी, बलूची मूल के हैं.

बाल्मीकि वहीं के थे. आज भी उन के ट्राइब के लोग वहां हिन्दू धर्म का पालन कर रहे ,हैं पर वो एक या दो प्रतिशत ही हैं. तक्षशिला यूनिवर्सिटी जिस में चाणक्य पढ़ाया करता था, वो पाकिस्तान में ही है. चरक, पाणिनि और चाणक्य तीनों तक्षशिला से पढ़े हैं.  हलांकि चाणक्य मगध से सम्बन्ध रखते थे. सेंधा नमक का पहाड़ पाकिस्तान में ही है.

वहां काफिर कलश लोग रहते हैं, जो हिन्दू धर्म और सिकंदर का मिक्स धर्म अपनाते हैं. ये लोग काफी खूबसूरत होते हैं. वहां हिन्दू पख्तून यानि हिन्दू ओरिजिनल पठान लोग रहते हैं, जो 10000 लोग अब बचे हैं. वे पश्तो भाषा बोलते हैं. हलाकि गुजरात में भी हिन्दू पठान का परिवार है लेकिन पठान और पख्तून लोग पहले हिन्दू थे, पर अब जो पठान हिन्दू हैं वो लोग बहुत कम होते जा रहे हैं, उसी तरह जैसे बांग्लादेश में बंगाली हिन्दू लोग कम हो रहे हैं, पर असल में जो पख्तून हिन्दू हैं वो अभी अपनी संस्कृति को बचा रखा है.

वहां कटास राज मंदिर है उस का पानी नहीं सूखता है. कहा जाता है की वो शंकर जी के आंसू से बना है. मुल्तान में सूर्य मंदिर है, जिसके बड़े में कहा जाता है कि कृष्णा भगवन का बेटा शाम्ब ने बनाया था. वहां का गिलगित बाल्टिस्तान बहुत खूबसूरत है. मोहन जोदरो और हररप्पा की सभ्यता पाकिस्तान में है. संग्रीला झील कलश घाटी सब बहुत खूबसूरत डेस्टिनेशन है.

पांच नदियों का देश पंजाब पूरा का पूरा वहां चला गया, यहां तो छोटा सा भाग है. असली पंजाब जहां पे पांच नदी है वो पाकिस्तान में ही तो है.

  • प्रो. सरोज मिश्र
Previous Post

राक्षस और नृशंसता का प्रतीक हिटलर का अंधविश्वास

Next Post

IGIMS : आजादी के अमृतकाल में फर्जी मुकदमें में गिरफ्तार मजदूर नेता अविनाश को रिहा करो – RYO, पंजाब

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

IGIMS : आजादी के अमृतकाल में फर्जी मुकदमें में गिरफ्तार मजदूर नेता अविनाश को रिहा करो - RYO, पंजाब

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

Mephisto : एक कलाकार जिसने अपनी आत्मा फासीवादियों को बेच दी

September 27, 2022

अधिकतर इस्लामिक देशों में अल्पसंख्यकों की ये दुर्दशा क्यों है ?

July 1, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.