Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home लघुकथा

बंदरों पर वैज्ञानिक प्रयोग

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 23, 2022
in लघुकथा
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
बंदरों पर वैज्ञानिक प्रयोग
बंदरों पर वैज्ञानिक प्रयोग

एक बार कुछ वैज्ञानिकों ने एक बड़ा ही मजेदार प्रयोग किया. उन्होंने 5 बंदरों को एक बड़े से पिंजरे में बंद कर दिया और बीचों बीच एक सीढ़ी लगा दी जिसके ऊपर केले लटक रहे थे.

जैसा की अनुमान था, एक बन्दर की नज़र केलों पर पड़ी. वो उन्हें खाने के लिए दौड़ा. पर जैसे ही उसने कुछ सीढ़ियां चढ़ीं उस पर ठण्डे पानी की तेज धार डाल दी गयी और उसे उतर कर भागना पड़ा.

You might also like

एन्काउंटर

धिक्कार

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

पर वैज्ञानिक यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक बन्दर के किये गए की सजा बाकी बंदरों को भी दे डाली और सभी को ठन्डे पानी से भिगो दिया. बेचारे बन्दर हक्के-बक्के एक कोने में दुबक कर बैठ गए.

पर वे कब तक बैठे रहते, कुछ समय बाद एक दूसरे बन्दर को केले खाने का मन किया और वो उछलता-कूदता सीढ़ी की तरफ दौड़ा.

अभी उसने चढ़ना शुरू ही किया था कि पानी की तेज धार से उसे नीचे गिरा दिया गया और इस बार भी इस बन्दर की गुस्ताखी की सज़ा बाकी बंदरों को भी दी गयी.

एक बार फिर बेचारे बन्दर सहमे हुए एक जगह बैठ गए.

थोड़ी देर बाद जब तीसरा बन्दर केलों के लिए लपका तो एक अजीब वाक्य हुआ. बाकी के बन्दर उस पर टूट पड़े और उसे केले खाने से रोक दिया, ताकि एक बार फिर उन्हें ठन्डे पानी की सज़ा ना भुगतनी पड़े.

अब प्रयोगकर्ताओं ने एक और मजेदार चीज़ की.

अंदर बंद बंदरों में से एक को बाहर निकाल दिया और एक नया बन्दर अंदर डाल दिया. नया बन्दर वहां के नियम क्या जाने ? वो तुरंत ही केलों की तरफ लपका पर बाकी बंदरों ने झट से उसकी पिटाई कर दी.

उसे समझ नहीं आया कि आख़िर क्यों ये बन्दर ख़ुद भी केले नहीं खा रहे और उसे भी नहीं खाने दे रहे. ख़ैर उसे भी समझ आ गया कि केले सिर्फ देखने के लिए हैं, खाने के लिए नहीं.

इसके बाद प्रयोगकर्ताओं ने एक और पुराने बन्दर को निकाला और नया अंदर कर दिया.

इस बार भी वही हुआ. नया बन्दर केलों की तरफ लपका पर बाकी के बंदरों ने उसकी धुनाई कर दी और मज़ेदार बात ये थी कि पिछली बार आया नया बन्दर भी धुनाई करने में शामिल था जबकि उसके ऊपर एक बार भी ठंडा पानी नहीं डाला गया था !

प्रयोग के अंत में सभी पुराने बन्दर बाहर जा चुके थे और नए बन्दर अंदर थे जिनके ऊपर एक बार भी ठंडा पानी नहीं डाला गया था, पर उनका स्वभाव भी पुराने बंदरों की तरह ही था. वे भी किसी नए बन्दर को केलों को नहीं छूने देते.

हमारे समाज में भी ये स्वभाव देखा जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति पुरानी परंपराओं के खिलाफ जाए तो बाकी बंदर उसके पीछे पड़ जाते हैं.

  • राजीव रावत

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

यही है भारत का गौरवशाली इतिहास !

Next Post

किसान आंदोलन भाग- 2 : तैयारी और उसकी चुनौतियां

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

लघुकथा

एन्काउंटर

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

by ROHIT SHARMA
February 7, 2026
लघुकथा

इतिहास तो आगे ही बढ़ता है…

by ROHIT SHARMA
January 5, 2026
लघुकथा

सवाल

by ROHIT SHARMA
August 16, 2025
Next Post

किसान आंदोलन भाग- 2 : तैयारी और उसकी चुनौतियां

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

हाथरस : संघ मानता है, पढ़े-लिखे होना सबसे बड़ा अपराध है

October 11, 2020

चोर नचाये मोर

August 25, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

March 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

March 7, 2026

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.