Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

उड़ीसा के कंधमाल में रुसी पर्यटकों की मौत

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 31, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
उड़ीसा के कंधमाल में रुसी पर्यटकों की मौत
उड़ीसा के कंधमाल में रुसी पर्यटकों की मौत
girish malviyaगिरीश मालवीय

चार रूसी पर्यटक उड़ीसा के दुर्गम आदिवासी इलाके में आखिर कौन-सा पिकनिक मना रहे थे ? अगर मीडिया आपको बढ़चढकर किसी घटना के बारे में बता रहा है तो आपको ये समझना चहिए कि वो कुछ छुपाने की कोशिश कर रहा है. कुछ दिनों पहले उड़ीसा में एक के बाद एक यानी, दो रूसी पर्यटकों की रहस्यमई ढंग से मृत्यु हो गई.

यह घटनाक्रम ओडिशा के रायगढ़ जिले के एक होटल में हुआ. सबसे पहले 22 दिसंबर को व्लादिमीर बेदेनोव होटल के कमरे में बेहोश पड़े मिले, जिनकी अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मृत्यु हो गई. उसके 2 दिन बाद 24 दिसंबर को उसी होटल की तीसरी मंजिल से गिरने से उनके साथी रूसी सांसद और अरबपति बिजनेसमैन 65 साल के पावेल एंटव की मौत हो गई.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

मीडिया हमें यह बता रहा है कि मरने वाले रूसी सांसद एंटव राष्ट्रपति पुतिन के विरोधी थे. एंटाव ने रूस के यूक्रेन पर हमले को लेकर आलोचना भी की थी. मीडिया बार-बार यूक्रेन के कीएव पर मिसाइल हमले पर एंटव की आलोचना’ का ज़िक्र कर रहा है. साफ़ दिख रहा है कि शक की सुई पुतिन की तरफ घुमाई जा रही है, लेकिन इस घटना का एक पहलू और है, जिसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं है. सोचने की बात यहां ये है कि एक अरबपति रूसी अपने तीन साथियों के साथ उड़ीसा के आदिवासी इलाकों में क्या कर रहा था ?

खोजबीन करने पर पता चला है कि 19 दिसंबर को कुल 4 रूसी पर्यटक व्लादिमीर बेदेनोव और पावेल एंटव अपने दो अन्य साथियों – मिखाइल तुरोव (63), उनकी पत्नी नातालिया पानासेंको और दिल्ली के एक ट्रैवल एजेंट के साथ उड़ीसा आए थे. वे 22 दिसम्बर से पहले दक्षिणी ओडिशा के आदिवासी इलाकों में भ्रमण कर चुके थे. वे कंधमाल जिले में भी घूम रहे थे. कंधमाल वही जिला है जहां 2008 में ईसाई आबादी के ऊपर कट्टरपंथी ताकतों ने हमला कर 35 लोगों की जान ली थी.

कंधमाल ओडिशा का एक बेहद पिछड़ा हुआ जिला है, जहां कांध आदिवासियों की बहुतायत है, जिनकी आबादी क्षेत्रीय जनसंख्या का 51% है. यहां ईसाई आबादी बड़ी संख्या में है.

यह पूरा क्षैत्र माओवादियों का गढ़ बताया जाता है. माओवादी विद्रोहियों ने मार्च 2012 में कंधमाल से दो इतालवी नागरिकों, बासुस्को पाओलो और क्लाउडियो कॉलेंजेलो का अपहरण कर लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ा गया. कहा जाता है कि ये इटालियंस शीर्ष माओवादी नेता सब्यसाची पांडा के पास थे, सब्यसाची के पिता ओडिशा में कम्यूनिस्ट पार्टी से विधायक रह चुके हैं. (बाद में सब्यसाची पांडा माओवादियों पर अनेक आरोप लगाकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बाद में माओवादियों ने पांडा को गद्दार घोषित कर भगोड़ा बताया-सं.)

पांडा पर 2008 में कंधमाल जिले में हुए स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और उनके चार सहयोगियों की हत्या सहित 50 से ज्यादा आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं. स्वामी लक्ष्मणानंद की हत्या के बाद क्षेत्र में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में कम से कम 38 लोग मारे गए थे. ईसाइयों पर स्वामी की हत्या का आरोप लगाते हुए उग्र भीड़ ने ईसाइयों के घरों पर हमले किए थे, जिसके बाद लगभग 25 हजार ईसाइयों को पलायन करना पड़ा था. हालांकि पुलिस ने आश्रम में हुई हत्याओं के आरोप नक्सलियों पर ही लगाए थे.

साफ़ समझ में आ रहा है कि यहां लंबे समय से ईसाई और धर्मांतरण विरोधी कट्टरपंथियों के बीच संघर्ष चल रहा है जिसमें नक्सल भी शामिल हैं. तो आखिर ऐसे क्षैत्र में चार रूसी कैथोलिक ईसाई पर्यटकों की उपस्थिति का क्या मतलब निकाला जाना चाहिए ?

बताया गया कि एंटव की मौत होटल की खिड़की से नीचे छत पर गिरने से हुई. लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि होटल के किसी कर्मचारी ने गिरने की कोई आवाज़ नहीं सुनी. पुलिस के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रूसी सांसद एंटोव की मौत गिरने के कारण आंतरिक चोट की वजह से और बिडेनोव की हृदयाघात से होने का संकेत मिला है. लेकिन पावेल का विसरा सैंपल तक सुरक्षित नहीं रखा गया जबकि ऐसे मामलों मे एक साल तक उसे सुरक्षित रखने का नियम है.

बड़ी बात यह भी है एंटोनोव एक ईसाई थे और उन्हें दफनाया जाना चाहिए था लेकिन उनके शव को जला दिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंटोव और बुडानोव के परिवार ने अपने साथ सफर कर रहे रूसी कपल को पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी. उसी के आधार पर जलाने का निर्णय लिया गया. यह सारी बातें शक पैदा करती है कि कुछ न कुछ जरूर छिपाया जा रहा है, जिसका संबंध पुतिन से नहीं बल्कि स्थानीय मुद्दों से है.

Read Also –

पालघर लिंचिंग : संघ के भय संचारी कारोबार का नतीजा
कैसे निर्मित होता है व्यापारी, नेता और धर्मगुरु का त्रिकोणीय संश्रय ?

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

पेले : अलविदा फुटबॉल के जादूगर !

Next Post

जुमले हैं जुमलों का क्या : 2022 तक लिए गये मोदी के जुमले

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

जुमले हैं जुमलों का क्या : 2022 तक लिए गये मोदी के जुमले

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

कांटों का ताज : कार्टूनिस्ट हेमन्त मालवीय पर लगाया गया फर्जी मुकदमा

January 8, 2023

SBI के भ्रष्ट पूर्व चेयरमैन प्रतीप चौधरी को बचाने के लिए पूरा सिस्टम एकजुट ?

November 5, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.